जहानाबाद: बिहार के जहानाबाद जिले में इन दिनों एक घटना के बाद पुलिस की हलचल तेज हो गई है। हुआ यूं है कि स्मैक तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मी की हत्या मामले में जिले के पुलिस कप्तान आईपीएस कोटा किरण कुमार ( IPS Kota Kiran Kumar ) ने बड़ा खुलासा किया है। जानकारी के मुताबिक नगर थाना में पदस्थापित टाइगर मोबाइल के लापता जवान धनेश्वर कुमार का शव शनिवार को सुबह काको थाना क्षेत्र के नदियांवा गांव के पास दरधा नदी से बरामद किया गया है। जवान के बारे में कहा जा रहा है कि जवान भोजपुर जिले का रहने वाला था। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जहानाबाद के एसपी कोटा किरण कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्मैक तस्करों पर एक्शन शुरू कर दिया है।
एक्शन में जहानाबाद के एसपी कोटा किरण कुमार की ओर से मीडिया को जानकारी दी गई है कि जवान धनेश्वर कुमार दो दिन पहले एसएस कॉलेज के पास ड्यूटी पर तैनात थे। उसी दौरान परसों रात बेलागंज इलाके में एक तस्कर जहानाबाद में स्मैक की सप्लाई करने के लिए पहुंचा था। टाइगर मोबाइल टीम ने क्विक एक्शन लेते हुए उसे पकड़ लिया और थाने भेज दिया। उसके बाद धनेश्वर कुमार कुछ और जानकारी जुटाने के लालच में उसी इलाके में रुके हुए थे। आरोप है कि स्मैक के कारोबार में शामिल कुछ शातिरों ने जवान को धोखे से घेर लिया। उसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। मौत के बाद शव को नदी में फेंक दिया गया।
कौन हैं IPS कोटा किरण कुमार? स्मैक तस्करों और स्थानीय पुलिसजानकारी के मुताबिक पूरी घटना का खुलासा पुलिस की जांच के बाद हो सकेगा। इस दौरान पुलिस ने जवान का हथियार बरामद कर लिया है। शव बरामद होने की सूचना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच कर चुके हैं। एसपी कोटा किरण कुमार के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने एक्शन लेते हुए अब तक पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। ड्रग्स के अवैध कारोबार का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पूरे नेटवर्क को पुलिस तोड़ने में जुटी हुई है।
स्मैक तस्करों ने की पुलिस जवान की हत्या कहा है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस धंधे में शामिल लोगों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। ध्यान रहे कि मगध रेंज के आईजी इन दिनों वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव हैं। उन्होंने कई थानों की पुलिस को पूरी तरह सीधा कर दिया है। उनके रेंज में किसी प्रकार की अपराध की घटना अब कम हो रही है। लोगों का कहना है कि आईजी विकास वैभव के आने के बाद क्राइम की घटनाओं में अच्छी खासी कमी आई है। लोग अब पुलिस के साथ जुड़ने लगे हैं। धनेश्वर कुमार मामले का खुलासा भी बहुत जल्द पुलिस कर लेगी।