अहमदाबाद/सूरत : प्रकाश पर्व दीपावली खुशियां बांटने का त्योहार है। सूरत के कपड़ा कारोबारी रामस्वरूप ने 20 कर्मचारियों को अनूठे तरीके से बोनस बांटा। रामस्वरूप मुंडे ने पूजा की थाली में जैसे चीजें रखी जाती है ठीक उसी ढंग से नए नोटों के बंडल रखे। इसके बाद अपनी पत्नी के हाथों से कर्मचारियों को दिवाली का बोनस दिया। इस मौके पर रामस्वरूप ने कहा कि मैं भले की गर्म दिमाग का हूं। मैं ऊपर चला जाऊंगा लेकिन मैं किसी के लिए गलत नहीं सोचूंगा। सूरत के कपड़ा कारोबारी के बोनस देने के अंदाज को सोशल मीडिया पर खूब चर्चा मिल रही है।
पत्नी के हाथों बांटा बोनससूरत के मोटा वराछा इलाके में कपड़ा व्यापारी का काम करने वाले रामस्वरूप मुंडे ने दिवाली ने अपने कर्मचारियों को केवल लिफाफे में पैसे देने के बजाय बेहद शाही और अनूठे अंदाज में बोनस भेंट किया। व्यापारी ने एक चमचमाती पूजा की थाली में 10 रुपये, 20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नए और कड़क नोटों के पूरे-पूरे बंडल करीने से सजाए। इसके बाद यह बोनस कर्मचारियों को सीधे देने के बजाय उनकी धर्मपत्नियों के हाथों दिलवाया।
शॉक्ड हो गए कर्मचारीजब कर्मचारियों की पत्नियों ने अपने हाथों से सजी हुई नोटों की थाली अपने पतियों को सौंपी, तो पूरा माहौल भावनाओं से भर गया। अचानक मिले इस शानदार और सम्मानजनक सरप्राइज को देखकर कई कर्मचारी भावुक हो गए। रामस्वरूप मुंडे ने कहा महिला स्टॉफ को भरोसा दिया कि वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। रामस्वरूप मुंडे ने कहा कि जैसे राजस्थान में मामा लोग अपनी भूमिका निभाते हैं। ठीक उसी प्रकार से वह भी मदद करेंगे।
डायमंड संग टेक्सटाइल सिटी है सूरतसूरत भारत के कुल मैन-मेड कपड़े का लगभग 65% उत्पादन करता है। यहां का वार्षिक टेक्सटाइल व्यापार 70,000 से 80,000 करोड़ रुपये से अधिक है। यह लाखों लोगों को रोजगार देता है। सूरत को भारत की 'टेक्सटाइल सिटी' या कपड़ों का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां साड़ियों से लेकर ड्रेस मटेरियल और तकनीकी वस्त्रों (टेक्निकल टेक्सटाइल) तक का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। सूरत अपने डायमंड उत्पादन के लिए भी जाना जाता है। यहां पर डायमंड की घिसाई काफी रोजगार देती है।