पटना: अनंत सिंह अपने मुस्लिम दोस्त के बेटे की वलीमा (प्रीतिभोज) में शामिल होने के लिए कारों की काफिले के साथ प्रयागराज जा रहे हैं। वाराणसी से उनका काफिल निकल चुका है। रात 9 बजे तक उनके प्रयागराज पहुंचने की उम्मीद है। हाल ही में जेडीयू से निष्कासित हुए मोकामा विधायक अनंत सिंह अपने इस खास रोड शो की वजह से सुर्खियों में आ गए। अनंत सिंह अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के बेटे की शादी की रिसेप्शन पार्टी (वलीमा) में शामिल होने के लिए सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ पटना से प्रयागराज के रास्ते में हैं।




पटना से लेकर बक्सर तक जगह-जगह उनके समर्थकों ने बुलडोजर से फूल बरसाकर और चांदी का मुकुट पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। हालांकि, वाराणसी सीमा पर पुलिस ने उन्हें शहर में प्रवेश करने और बीएचयू में पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने से रोक दिया, जिसके बाद वे काशी के बाहर से ही प्रयागराज के लिए आगे बढ़ गए।






कौन हैं पप्पू सलमान? के अनुसार, पप्पू सलमान प्रयागराज के रहने वाले उनके एक बेहद पुराने और करीबी मुस्लिम मित्र हैं। उनके घर आयोजित शादी के वलीमा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ही अनंत सिंह ने पटना से प्रयागराज तक की यह यात्रा का प्लान बनाया। दोस्त के पारिवारिक समारोह में शामिल होने का ये दौरा समर्थकों के भारी जमावड़े के कारण एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल गया है।





  • पप्पू सलमान का असली नाम सलमान अहमद है, वे प्रयागराज में समाजवादी पार्टी के गंगापार जिला उपाध्यक्ष हैं।

  • उन्हें स्थानीय लोगों के बीच 'पप्पू मलावां' नाम से भी जाना जाता है, जबकि अनंत सिंह उन्हें पप्पू सलमान बुलाते हैं।

  • अनंत सिंह और पप्पू सलमान के बीच तीन दशक पुरानी गहरी दोस्ती है और वे हर सुख-दुख में साथ रहते हैं।

  • घोड़ों के पालने और उनकी रेस के साझा शौक की वजह से ही अनंत सिंह और पप्पू सलमान की पहली दोस्ती हुई थी।

  • पप्पू सलमान के पास 20 लाख का घोड़ा है, जबकि अनंत सिंह के पास अपने अस्तबल में 8 से 9 घोड़े मौजूद हैं।




वाराणसी में नहीं मिली एंट्रीप्रयागराज जाते समय बीएचयू स्थित पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करना चाहते थे। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी और शहर में इतने बड़े काफिले के साथ प्रवेश पर भी पाबंदी थी। वाराणसी सीमा पर पुलिस के रोके जाने के बाद थोड़ी बहस हुई, लेकिन पुलिस के समझाने पर अनंत सिंह शहर के बाहर से ही प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।





  • जेडीयू से निकाले जाने के बाद अनंत सिंह की ये यात्रा एक तूफानी रोड शो के रूप में देखी जा रही।

  • आरा में समर्थकों ने जेसीबी से फूल बरसाए, तो वहीं बक्सर में उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया गया।

  • रास्ते में समर्थकों ने 'छोटे सरकार जिंदाबाद' और 'ब्रह्मेश्वर मुखिया अमर रहें' के जमकर नारे लगाए।

  • अनुमति न होने और शहर में गाड़ियों के प्रवेश पर रोक के चलते वाराणसी पुलिस ने काफिला रोक दिया।




जगह-जगह भव्य स्वागतअनंत सिंह का प्रयागराज पहुंचने का निर्धारित समय शाम 5 बजे था, लेकिन समर्थकों के जोरदार स्वागत के कारण उनका काफिला लगभग तीन घंटे की देरी से चल रहा है। बिहटा, आरा, बक्सर, मोहनिया और चंदौली जैसी जगहों पर समर्थकों ने उनके स्वागत कार्यक्रम रखे थे। इस देरी के कारण अब उनके देर रात 9 बजे के बाद प्रयागराज पहुंचने की संभावना है।

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