नई दिल्ली: इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। कीमती धातुओं के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह नरमी देखने को मिली है। यहां तक धनतेरस के मौके पर घरेलू बाजार में सोना और चांदी टूटे हैं। इस गिरावट के बीच जाने-माने कमोडिटी गुरु जिम रोजर्स ने कीमती धातुओं पर अपना मजबूत भरोसा जताया है। रोजर्स का मानना है कि दुनियाभर की सरकारें अपनी करेंसी का मूल्य घटाती रहती हैं। ऐसे में सोना और चांदी ही एसेट्स को सेफ रखने का सबसे सटीक जरिया हैं। उनका साफ सुझाव है कि गिरावट के हर मौके पर सोना और चांदी खरीदकर लंबे समय के लिए सुरक्षित रख लेना समझदारी है।
जिम रोजर्स इंटरनेशनल कमोडिटी गुरु और रोजर्स इंटरनेशनल कमोडिटी इंडेक्स के संस्थापक हैं। उनका मानना है कि दुनिया के हर व्यक्ति को अपनी अलमारी या बिस्तर के नीचे सुरक्षा के तौर पर सोना और चांदी जरूर रखना चाहिए। बिजनेस टुडे टीवी (BTTV) को दिए खास इंटरव्यू में रोजर्स ने साफ किया कि वह अपनी सोने और चांदी की होल्डिंग्स को कभी बेचने के इरादे से नहीं रखते। उनके अनुसार, वह यह एसेट अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए बचा रहे हैं। गिरावट के हर दौर को वह और ज्यादा खरीदारी के मौके के तौर पर देखते हैं।
रोजर्स के अनुसार, दुनियाभर की सरकारें लगातार अपनी-अपनी करेंसी का अवमूल्यन करती आई हैं। इससे कागजी करेंसी की क्रय शक्ति घटती है। यही वजह है कि उन्हें लगता है कि सोने और चांदी का वास्तविक मूल्य हमेशा बढ़ता रहेगा। इंटरनेशनल मार्केट में सोने के भाव फिसलकर 4,000 डॉलर के आसपास पहुंच गए हैं। रोजर्स का कहना है कि वह वैसे भविष्य के सटीक भाव की भविष्यवाणी तो नहीं करते। लेकिन, गिरावट में और ज्यादा खरीदारी करने की स्ट्रैटेजी पर कायम हैं। इसके अलावा, कमोडिटी गुरु ने माइनिंग कंपनियों के शेयरों के मुकाबले फिजिकल कॉइन्स खरीदने को ज्यादा आसान रास्ता बताया।
घरेलू स्तर पर धनतेरस के दिन सोने और चांदी के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लंबी अवधि के लिए इनके लिए आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत में 2,500 रुपये प्रति 10 ग्राम की नरमी आई। इसके दाम 1,48,800 रुपये से घटकर 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गए। ऊंचे स्तरों पर पहुंचे दामों के चलते हाजिर बाजार में धनतेरस की खरीदारी को लेकर ग्राहकों ने सतर्कता दिखाई।
सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी धनतेरस के दिन बिकवाली का दबाव दिखा। दिल्ली में चांदी 2,000 रुपये लुढ़की। यह लुढ़ककर 1,92,500 रुपये प्रति किलो (सभी टैक्स सहित) के स्तर पर आ गई। पिछले सत्र में यह 1,94,500 रुपये प्रति किलो थी। वैसे तो घरेलू बाजार में ऊंची कीमतों की वजह से शॉर्ट-टर्म डिमांड थोड़ी सुस्त जरूर हुई है। लेकिन, इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स का यही मानना है कि कीमती धातुओं में आने वाला यह करेक्शन निवेशकों को लंबी अवधि के लिए अपना पोर्टफोलियो मजबूत करने का सही मौका देता है।
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