टोक्यो: नेपाल और चीन के बाद अब जापान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। जापान में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई है। इस भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद इतने तेज झटके से लोग डर गए और घरों से बाहर निकल आए। जापान में घरों की बनावट भूकंपरोधी होने के कारण जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। इसके बावजूद लोग भूकंप के बाद के झटकों की आशंका को लेकर डरे हुए हैं।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने बताया कि भूकंप शाम 7:39 बजे (1039 GMT) देश के कांटो क्षेत्र के तट के पास समुद्र में आया। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, इसका केंद्र असाही से लगभग 169 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था, जो राजधानी टोक्यो के ठीक पूर्व में है। JMA ने कहा कि उसने जापान के 0-7 स्केल पर "सीस्मिक इंटेंसिटी 3" रिकॉर्ड की, जिसका मतलब है कि "घर के अंदर लगभग हर कोई झटके महसूस कर रहा है।"
जापान दुनिया का सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देश
- जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है, जो पैसिफिक "रिंग ऑफ फायर" के पश्चिमी किनारे पर चार बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों के ऊपर है।
- इस कारण जापान में भूकंप आते रहते हैं। दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंप पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में आते हैं।
- एक साल में इस क्षेत्र में आने वाले भूकंपों की संख्या सैकडों होती है, जिन्हें रिक्टर स्केल पर दर्ज किया जाता है।
नेपाल और चीन में भी भूकंपशुक्रवार सुबह नेपाल के हुमला में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र ने बताया कि यह झटका काठमांडू से लगभग 700 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में सुबह सात बजकर 10 मिनट पर महसूस किया गया। इस भूकंप के झटके मुगु और बझांग जिलों में भी महसूस हुए। वहीं, चीन के शिनजियांग प्रांत में गुरुवार रात 10:26 बजे 5.0 तीव्रता का एक भूकंप आया। इस भूकंप का केंद्र चीन-लद्दाख सीमा के पास था। इस भूकंप के झटके जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों में महसूस किए गए।