Air Pollution Lung Care: बदलते मौसम के साथ ही देश के कई बड़े शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है. हवा में फैले जहरीले स्मॉग और पार्टिकुलेट मैटर यानी पीएम 2.5 की वजह से लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.


स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण का यह बढ़ता स्तर हमारे फेफड़ों को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे दमा, ब्रोंकाइटिस और सांस फूलने जैसी बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं. ऐसे में सेहत को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही आपके लिए बेहद भारी पड़ सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस जहरीली हवा के बीच आप अपने फेफड़ों को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं.


घर से बाहर निकलते समय बरतें सावधानी


प्रदूषण से बचने का सबसे पहला और आसान नियम यह है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, सुबह और शाम के समय घर से बाहर निकलने से बचें. इस दौरान हवा में प्रदूषण के कण जमीन के काफी करीब होते हैं, जो सांस के जरिए सीधे फेफड़ों में जमा हो जाते हैं.


अगर किसी काम से बाहर जाना ही पड़े, तो साधारण कपड़े का मास्क पहनने के बजाय अच्छी क्वालिटी का एन-95 मास्क जरूर लगाएं, जो सूक्ष्म हानिकारक कणों को रोकने में सक्षम होता है. इसके अलावा, सुबह की सैर या खुले में भारी एक्सरसाइज करने से बचें, क्योंकि तेज दौड़ने या कसरत करने से हम तेजी से सांस लेते हैं, जिससे ज्यादा मात्रा में जहरीली हवा फेफड़ों के भीतर चली जाती है.


घर के अंदर की हवा को रखें साफ


अक्सर लोग सोचते हैं कि प्रदूषण सिर्फ घर के बाहर है, लेकिन सच यह है कि घर के अंदर की हवा भी प्रदूषित हो सकती है. अपने कमरों को साफ रखने के लिए गीले पोछे का इस्तेमाल करें ताकि धूल के कण हवा में न उड़ें. घर के भीतर अगरबत्ती, मोमबत्ती या कंडे जलाने से बचें, क्योंकि इनसे निकलने वाला धुआं बंद कमरे में फेफड़ों के लिए जहर का काम करता है.


रसोई में खाना बनाते समय चिमनी या एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल जरूर करें. अगर संभव हो, तो घर में मनी प्लांट, एलोवेरा या स्नेक प्लांट जैसे एयर-प्यूरिफाइंग पौधे लगाएं, जो प्राकृतिक रूप से हवा को साफ करने में मदद करते हैं.


डाइट में शामिल करें फेफड़ों के दोस्त


प्रदूषण के असर को कम करने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना बेहद जरूरी है. इसके लिए अपनी रोजमर्रा की डाइट में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें शामिल करें. संतरा, आंवला, नींबू और अमरूद का सेवन फेफड़ों की कोशिकाओं को मजबूत बनाता है.


इसके अलावा, रोजाना रात को दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर पिएं, क्योंकि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व फेफड़ों की सूजन को कम करने में काफी मददगार साबित होता है. गुड़ का सेवन भी इस मौसम में रामबाण माना जाता है, क्योंकि यह श्वसन तंत्र से धूल और धुएं के कणों को साफ करने में मदद करता है.


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भाप लें और शरीर को रखें हाइड्रेटेड


सर्दियों और प्रदूषण के इस मौसम में फेफड़ों और सांस की नली को साफ रखने का सबसे असरदार तरीका है नियमित रूप से भाप लेना. सादे पानी की गरम भाप लेने से फेफड़ों में जमा बलगम और प्रदूषण के कण ढीले होकर बाहर निकल जाते हैं, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है. इसके साथ ही, दिनभर में पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीते रहें. शरीर में पानी की सही मात्रा रहने से टॉक्सिन्स पदार्थ यूरिन और पसीने के रास्ते बाहर निकल जाते हैं, जिससे आंतरिक अंगों पर प्रदूषण का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है.


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