चित्तौड़गढ़: हार्ट की बीमारी से जूझने के बाद जब ऑपरेशन सफल हुआ तो एक श्रद्धालु ने इसे चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित भगवान सांवलिया सेठ की कृपा मानते हुए अपना वादा पूरा किया। जालौर जिले के रहने वाले इस श्रद्धालु ने मेवाड़ के कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी पहुंचकर भगवान को सोने से बना हार्ट का मॉडल भेंट किया।
21 ग्राम सोने से बना दिल का मॉडलदरअसल, उदयपुर संभाग के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी (मंडफिया, चित्तौड़गढ़) में आस्था का एक अनोखा रूप देखने को मिला है। जालौर जिले के रहने वाले एक श्रद्धालु ने गंभीर हार्ट की बीमारी के इलाज के दौरान भगवान सांवलिया सेठ से स्वस्थ होने की प्रार्थना की थी। जब उनका ऑपरेशन पूरी तरह सफल हो गया, तो उन्होंने अपनी मनोकामना पूरी होने पर भगवान को धन्यवाद देने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने मंदिर भेंट कक्ष पहुंचकर 21 ग्राम सोने से बना दिल का मॉडल अर्पित किया। भगवान के प्रति अटूट आस्था की यह घटना अब श्रद्धालुओं के बीच काफी चर्चा में है।
मंदिर मंडल से प्राप्त की आधिकारिक रसीद21 ग्राम सोने से तैयार इस अनोखी भेंट की कीमत 3 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। श्रद्धालु ने भेंट कक्ष कार्यालय में यह सोने से बना दिल जमा कराया और मंदिर मंडल से इसकी रसीद प्राप्त की। बीमारी से राहत मिलने के बाद भगवान के प्रति आस्था जताने का यह तरीका अब श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
आम भेंटों से अलग, चर्चा का विषय बनी श्रद्धाजालौर जिले के निवासी श्रद्धालु ने अपने हार्ट के इलाज के दौरान भगवान से स्वस्थ होने की कामना की थी। इलाज और ऑपरेशन सफल होने के बाद वह अपनी मनोकामना पूरी होने पर सांवलियाजी मंदिर पहुंचा। यहां उसने भगवान को सोने से बना दिल का मॉडल अर्पित किया। भगवान को अर्पित किया गया हृदय का मॉडल पूरी तरह सोने से तैयार किया गया है।
- हार्ट की बीमारी से जूझ रहे मरीज ने इलाज के दौरान से स्वस्थ होने की प्रार्थना की थी।
- ऑपरेशन सफल होने पर जालौर निवासी श्रद्धालु ने 21 ग्राम सोने का दिल बनाकर मन्नत पूरी की।
- इस सोने के दिल का मॉडल लगभग 3 लाख रुपये से अधिक मूल्य का है।
- मंदिर मंडल के भेंट कक्ष में वस्तु जमा करवाकर श्रद्धालु ने रसीद प्राप्त की।
खास तोहफे की कीमत 3 लाख से अधिकइसका वजन 21 ग्राम है। मंदिर प्रशासन के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत 3 लाख रुपए से ज्यादा है। आमतौर पर श्रद्धालु भगवान को सोने-चांदी के आभूषण, मुकुट, हार या अन्य वस्तुएं भेंट करते हैं, लेकिन हृदय के इलाज के बाद दिल के आकार की सोने की भेंट करना अलग तरह की श्रद्धा को दिखाता है।
रिपोर्ट- भगवान प्रजापत