नई दिल्ली: जापान में इस बार आयोजित किए गए एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम के 97 पैरा खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जापान के आइची-नागोया पहुंचे थे। भारतीय टीम ने इस दौरान 114 पदक जीते, जो अब तक के एशियाई पैरा गेम्स के भारतीय इतिहास का सबसे ज्यादा है। इनमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारतीय पैरा खिलाड़ियों की इस उपलब्धि के बाद जापान से लौटी भारतीय टीम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवाद किया। आयोजन दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया गया।
कोच के किरदार को ऐसे किया यादपीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि वह भारत के 1400000000 (140 करोड़) देशवासियों की तरफ से पैरा खिलाड़ियों को बधाई देते हैं। क्योंकि खिलाड़ियों के प्रदर्शन में कोच का बेहद अहम रोल होता है। इसलिए पीएम मोदी ने इन खिलाड़ियों के प्रशिक्षकों को भी बधाई दी। खिलाड़ियों के कोच की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सामान्य खिलाड़ी के पीछे कोच को जितनी मेहनत करनी पड़ती है, पैरालंपिक के लिए उससे अनेक गुना ज्यादा मेहनत करनी होती है, तब जाकर के रंग बिखरते हैं। इसलिए उनको मैं विशेष बधाई देता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं।

पीएम मोदी ने कही दिल छू लेने वाली लाइनबातचीत के बीच पीएम मोदी ने एक ऐसी लाइन कही, जिससे पैरा खिलाड़ियों का मन गदगद हो गया। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें खिलाड़ियों से मिलने का बेसब्री से इंतजार था। उन्हें बहुत खुशी है कि वे पैरा एशियाई खिलाड़ियों से मुलाकात कर रहे हैं। पैरा खिलाड़ियों के शानदर प्रदर्शन से पता चलता है कि भारत खेल के क्षेत्र में एक शक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आप सभी पैरा एथलीट ने एक बार फिर ये दिखा दिया है कि सबसे ऊंची उड़ान हौसलों से होती है।
PM मोदी ने और क्या कहा, 5 पॉइंट
- एक समय था जब ज्यादातर खेलों में भारत की भागीदारी केवल औपचारिकता समझी जाती थी। पैरा गेम्स में तो देश बहुत पीछे था।
- 2010 के पैरा एशियाई खेल में भारत ने सिर्फ एक स्वर्ण पदक जीता था। कुल मिलाकर उस टूर्नामेंट में हम केवल 14 मेडल जीत पाए थे।
- इस बार हमारे खिलाड़ी 114 मेडल के साथ आए हैं। 14 से 114 की ये यात्रा, ये आपके परिश्रम की पराकाष्ठा है। उसी का परिणाम है।
- इस बार 30 स्वर्ण, 35 रजत, 49 कांस्य, 5 नए विश्व रिकॉर्ड, 9 एशियाई रिकार्ड। खिलाड़ियों ने देश को गर्व से भर दिया है।
- इस बार 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 बेटियां पदक विजेता बनी हैं। चार स्पर्धाओं में तो मंच पर तीनों जगह हमारा ही झंडा था, हमारे ही खिलाड़ी थे।