Naina Dhanka wins Gudla Panchayat election/ करौली: राजस्थान के करौली जिले की सादौली ग्राम पंचायत का गुडला गांव इस समय पूरे प्रदेश की ग्रामीण राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वजह है एक अंतरजातीय लव मैरिज, जिसने न केवल चुनाव के सारे स्थापित समीकरण बदल दिए, बल्कि दो समाजों की एकजुटता की ऐसी मिसाल पेश की कि विरोधी पस्त हो गए। आरक्षण की मजबूरी और एक 'लव स्टोरी' के अनूठे मेल ने गांव की बहू को ऐतिहासिक जीत दिला दी।
जब आरक्षण बना सिरदर्द, तो चौपाल पर निकला रास्तागुर्जर बाहुल्य गुडला गांव में लंबे समय से गुर्जर समाज के प्रतिनिधि ही सरपंच चुने जाते रहे हैं। लेकिन इस बार पंचायत चुनाव में जब सरपंच पद अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित घोषित हुआ, तो गांव के चुनावी गलियारों में हलचल मच गई। गुर्जर समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि ऐसे मोड़ पर किस प्रत्याशी पर दांव खेला जाए, जो गांव में सबका भरोसा जीत सके।
समस्या के समाधान के लिए गांव की चौपाल पर एक बड़ी बैठक बुलाई गई। रणनीतिक चर्चाओं के बीच गांव के ही राहुल गुर्जर का नाम सामने आया। राहुल ने अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से ताल्लुक रखने वाली शिक्षित युवती नैना धानका से लव मैरिज की थी।
पारिवारिक रिश्ता बना राजनीतिक रणनीतिग्रामीणों और समाज के बुजुर्गों ने इस व्यक्तिगत रिश्ते को एक नए सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा। सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि गांव की बहू नैना धानका को सरपंच पद के लिए मैदान में उतारा जाए। लव मैरिज का यह रिश्ता गुर्जर और धानका समाज को एक मंच पर लाने का जरिया बन गया।
फैसले के बाद दोनों समाजों के लोगों ने आपसी मतभेद भुलाकर कंधे से कंधा मिलाया। गुर्जर और धानका समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने संयुक्त रूप से चुनाव प्रचार की कमान संभाली। घर-घर जाकर वोट मांगे गए और आपसी भाईचारे व गांव के विकास को मुख्य मुद्दा बनाया गया।
1,864 वोटों के अंतर से छप्परफाड़ जीतजब मतदान के बाद चुनावी नतीजे आए, तो आंकड़ों ने हर किसी को हैरान कर दिया। कुल 11 उम्मीदवारों के बीच हुए इस कड़े मुकाबले में नैना धानका ने एकतरफा जीत दर्ज की।
- नैना धानका: 2,107 वोट
- हरिओम मीणा: 243 वोट
- जीत का अंतर: 1,864 वोट
नैना ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,864 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से पछाड़कर शानदार जीत हासिल की। नतीजे घोषित होते ही गांव में जश्न का माहौल बन गया और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ विजय जुलूस निकाला।
राजस्थान की राजनीति में नई मिसालयुवा और शिक्षित नैना धानका अब सादौली ग्राम पंचायत की कमान संभालेंगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि नई सरपंच गांव में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को नई दिशा देंगी। गुडला गांव का यह चुनाव इस बात का सबूत बन गया है कि जब सामाजिक एकजुटता और सही रणनीति का मेल होता है, तो चुनावी नतीजों का रुख पूरी तरह बदला जा सकता है।