प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज में नीट छात्रा रितु शर्मा ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। 18 साल की रितु ने नीट परीक्षा पास कर ली थी। मीरजापुर मेडिकल कॉलेज में दो बार काउंसलिंग हुई पर रैंक कम होने की वजह से प्रवेश नहीं मिला। इससे वह निराश चल रही थी। तीसरी काउंसलिंग लिस्ट जब आई तो उसमें उसका नाम शामिल था पर इससे पहले ही उसने खौफनाक कदम उठा लिया। रितु की आत्महत्या के बाद पूरे परिवार में मातम का माहौल है।
यह घटना झूंसी के त्रिवेणीपुरम कॉलोनी की है। सुसाइड से पहले रितु शर्मा ने परिवार वालों के नाम एक नोट लिखा था। इसमें उसने लिखा- मैं मानसिक रोगी हो गई हूं। अपने जीवन में कुछ अच्छा नहीं कर पाऊंगी। मम्मी-पापा सॉरी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घरवालों और आसपास के लोगों से बातचीत की। छात्र का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच चल रही है।
बगल वाले कमरे में सो रहे थे माता-पिता
रितु के पिता देवराज शर्मा एनएचएआई में इंजीनियर पद से रिटायर हो चुके हैं। वे मूलरूप से गाजीपुर के रहने वाले हैं। रिटायर होने के बाद से वह परिवार समेत त्रिवेणीपुरम कॉलोनी में रहने लगे। रविवार रात रितु अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। दूसरे कमरे में मां और पिता सो रहे थे। इस बीच रितु ने खौफनाक कदम उठा लिया। सुबह जब रितु का दरवाजा नहीं खुला तो मां ने ऊपरी तल पर रहने वाले देवर को बुलाया। वह खिड़की के रास्ते कमरे में घुसे और देखा सामने रितु फर्श पर पड़ी हुई थी।
ओसीडी जैसी समस्या से थी परेशान
सूचना मिलने पर एसीपी अरुण पराशर झूंसी पुलिस और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रितु के कमरे से छह पेज का अंग्रेजी में लिखा हुआ सुसाइड नोट बरामद हुआ। परिवार ने बताया कि दो काउंसलिंग में रितु का नाम ना आने की वजह से वह परेशान चल रही थी। सुसाइड नोट में उसने लिखा कि वह दो सालों से ओसीडी जैसी समस्या से परेशान थी। इसकी शुरुआत इंटर की पढ़ाई के दौरान हुई थी। उसने लिखा कि पढ़ाई के दौरान उसके दिमाग में बार-बार अनचाहे विचार और शंकाएं आती थीं। अनचाहे विचार उसकी जिंदगी तबाह कर चुके हैं।
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