लखनऊ: यूपी में विधानसभा चुनाव की तारीखों के करीब आते आते पोस्टरों के सहारे सियासी घमासान भी तेज हो गया है। राजधानी लखनऊ की प्रमुख सड़कों और चौराहों पर एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सपा के खिलाफ 'बॉयकॉट' वाले बैनर और होर्डिंग लगाए जाने से सियासी पारा चढ़ गया है।




पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ बयानबाजी और सोशल मीडिया पर सपा कार्यकर्ताओं की ओर से स्वामी के खिलाफ की जा रही अभद्र टिप्पणियों को लेकर मौर्य, शाक्य, सैनी और कुशवाहा समाज के लोगों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। 1090 चौराहा और VVIP इलाकों में लगाए गए इन पोस्टरों में अखिलेश यादव की तस्वीर पर लाल रंग का बड़ा क्रॉस लगाया गया है और साथ ही 'BOYCOTT AKHILESH YADAV' व 'BOYCOTT SAMAJWADI PARTY' लिखा गया है।




पोस्टरों में तीखे सवाललखनऊ में लगाए गए कुछ होर्डिंग में स्वामी प्रसाद मौर्य, अखिलेश यादव और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की तस्वीरें लगाई गई हैं। इस पोस्टर के सबसे ऊपर लिखा है कि ' PDA बात करने वाली पार्टी - PDA के नेता श्री स्वामी प्रसाद मौर्य व श्री चंद्रशेखर आजाद से नफरत क्यों? इतना घमंड इतना गुरूर चूर-चूर हो जाएगा।'




इस होर्डिंग के नीचे 'निवेदक में एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक समाज' लिखा गया है और अखिलेश यादव व समाजवादी पार्टी के बॉयकॉट के स्टैंप लगाए गए हैं। समाज के जुड़े लोगों का कहना है कि सपा का पीडीए फॉर्मूला केवल चुनावी लाभ के लिए पिछड़ों और दलितों के वोट बटोरने का छलावा है जबकि जमीनी हकीकत में गैर-यादव पिछड़े नेताओं और दलित वर्ग के उभरते चेहरों को लगातार हाशिए पर धकेलने का काम किया जा रहा है।




सोशल मीडिया पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट लगाकर खोला मोर्चाविरोध जताने के लिए लगाए गए एक अन्य विस्तृत बैनर में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और समर्थकों की ओर से स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई विवादित और अमर्यादित टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट बाकायदा चस्पा किए गए हैं। इसमें लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुड्डू यादव हिरन्हा की वह पोस्ट भी शामिल की गई है जिसमें लिखा है कि 'अखिलेश यादव जी का विरोध करके चुनाव जीतने का सपना छोड़ दे स्वामी प्रसाद मुरिया...'।




इसके अलावा विकास यादव और अन्य सपा समर्थकों द्वारा मौर्य समाज को लेकर की गई आपत्तिजनक भाषा को उजागर किया गया है। इस पोस्टर पर मुख्य रूप से लिखा गया है कि अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य को नीचा दिखाया तो वहीं उनके समर्थक सोशल मीडिया पर पूरे समाज को अपमानित कर रहे हैं। इस अपमान का जवाब 2027 में असली PDA देगा। इस बैनर के नीचे निवेदक में मौर्य शाक्य, सैनी, और कुशवाहा समाज लिखा गया है।




2027 के चुनाव में हिसाब की हुंकारसड़कों के डिवाइडर और रेलिंग पर लगे अन्य पोस्टरों में स्वामी प्रसाद मौर्य और अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ बड़े अक्षरों में लिखा है कि श्री स्वामी प्रसाद मौर्य जी का अपमान नहीं सहेगा मौर्य, शाक्य, सैनी और कुशवाहा समाज। पोस्टरों के जरिए सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है कि पिछड़ों के मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




पिछड़े वर्ग से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि सपा में रहकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने निरंतर दबे-कुचले वर्गों की आवाज उठाई लेकिन सपा का शीर्ष नेतृत्व और उनके कैडर के लोग लगातार उनकी उपेक्षा और चरित्र हनन कर रहे हैं। समाज ने दो टूक शब्दों में संदेश दिया है कि इस अपमान का खामियाजा समाजवादी पार्टी को आने वाले 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा, जब असली PDA समाज सपा के इस रवैये का लोकतांत्रिक जवाब देगा।

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