मुंबई : पूर्व बीजेपी सांसद पूनम महाजन ने बुधवार को अचानक एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने अपने पिता प्रमोद महाजन की क्लिप भी शेयर की। साथ ही लिखा कि प्रमोद जी पर बनाए गए रिपोर्ट्स में रिसर्च की आवश्यकता है। वीडियो में प्रमोद महाजन यह बता रहे हैं कि 2004 में बीजेपी की हार जिस इंडिया शाइनिंग (india shining campaign) और फील गुड नारे की वजह से हुई, वह उनकी दिमाग की उपज नहीं थी। दरअसल, यूट्यूब और कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि प्रमोद महाजन ने ही ये दोनों नारे गढ़े थे। पूनम महाजन ने इस तथ्य पर अपनी आपत्ति जाहिर की।




आज भी वायरल होता है प्रमोद महाजन का भाषणजब भी भारतीय राजनीति में अल्पमत की सरकार की चर्चा होती है तो प्रमोद महाजन का 11 अप्रैल 1997 को लोकसभा में दिया भाषण वायरल होता है। कांग्रेस के एचडी देवेगौड़ा की संयुक्त मोर्चा सरकार के विश्वास मत पर उन्होंने चीन दौरे की कहानी सुनाकर कांग्रेस समेत तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी की खिंचाई की थी। अपनी गजब की भाषण कला के लिए मशहूर प्रमोद महाजन भारतीय जनता पार्टी के चुनावी रणनीतिकार माने जाते थे। आज भी यूट्यूब समेत कई प्लेटफॉर्म पर बीजेपी के चुनावी अभियान की चर्चा होती है तो अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी के साथ प्रमोद महाजन की चर्चा जरूर होती है।




मीडिया रिपोर्ट में प्रमोद महाजन के लिए क्या लिखाहाल ही में कई यूट्यूब चैनलों पर जारी रिपोर्ट में दावा किया गया कि 2004 में बीजेपी ने प्रमोद महाजन की सलाह पर ही समय से पहले आम चुनाव कराने का निर्णय लिया था। बीजेपी 2003 में राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में जीत से उत्साहित थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि प्रमोद महाजन ने ही तब इंडिया शाइनिंग या भारत उदय और फील गुड का नारा दिया था। दोनों नारे चुनाव में बीजेपी पर ही बैकफायर कर गया और एनडीए चुनाव हार गया। 2004 में कांग्रेस के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ने सरकार बनाई थी। पूनम महाजन ने इन तमाम रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन तमाम दावों को बेबुनियाद बताते हुए उनका पुराना वीडियो शेयर किया।




पूनम बोलीं, सही इतिहास जानने का हकपूनम महाजन ने X पर लिखा कि पिछले कुछ दिनों में कई यूट्यूब चैनलों ने प्रमोद जी पर वीडियो बनाए हैं। इनमें से कई बहुत अच्छे रहे हैं, जबकि कुछ में अधिक रिसर्च और संदर्भ की आवश्यकता है। चूंकि अधिकांश वीडियो में 2004 के चुनावों का जिक्र किया गया है, इसलिए मैंने कुछ बातें साझा की हैं, ताकि अधिक संतुलित और तथ्यों पर आधारित चर्चा को बढ़ावा मिल सके। हमारे देश को अपने लोगों और नेताओं का सही इतिहास जानने का हक है। आइए यह सुनिश्चित करें कि इन कहानियों पर अच्छी तरह शोध किया जाए और इन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेज कर रखा जाए।








प्रमोद महाजन ने बताया था, नारे चिपका दिए गएपूनम महाजन के शेयर वीडियो में बीजेपी नेता प्रमोद महाजन एक टीवी शो में फील गुड और इंडिया शाइनिंग शब्दों पर अपनी सफाई दे रहे थे। प्रमोद महाजन ने तब बताया था कि इंडिया शाइनिंग शब्द उनका नहीं था। यह शब्द विदेश में एडवरटाइजिंग के लिए वित्त मंत्रालय ने एक कंपनी को हायर किया था। उस कंपनी ने विदेश में विज्ञापन के लिए इंडिया शाइनिंग और भारत उदय का नारा निकाला, सितंबर 2003 के राजस्थान चुनाव से पहले शुरू हुआ था। इस वीडियो में ही प्रमोद महाजन बता रहे हैं कि फील गुड का शब्द लालकृष्ण आडवाणी ने रेमंड्स के विज्ञापन देखकर इकॉनोमिक टाइम्स के अवॉर्ड सेरेमनी में बोला था। इंडिया शाइनिंग और फील गुड उनके नहीं थे। चुनाव हारने के बाद ये दोनों शब्द उन पर चिपका दिए गए।




प्रमोद महाजन की राजनीतिक वारिस हैं पूनम महाजनबता दें कि 22 अप्रैल 2006 को प्रमोद महाजन को उनके भाई प्रवीण महाजन ने ही गोली मार दी थी। 3 मई को उनका निधन हो गया था। पूनम महाजन बाद में प्रमोद महाजन की राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर सामने आईं। पूनम 2014 में पहली बार मुंबई उत्तर-मध्य से लोकसभा की सांसद चुनी गईं। 2019 में भी उन्होंने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा। 2024 में भारतीय जनता पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। मुंबई उत्तर-मध्य से वकील उज्जवल निकम बीजेपी कैंडिडेट बने, मगर कांग्रेस की वर्षा गायकवाड़ से हार गए।

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