लखनऊ: चर्चित सआदतगंज ट्रिपल मर्डर केस के मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला के मकान पर प्रशासन का शिकंजा और कसता जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) अब आरोपी के मकान के नक्शे और उसके वास्तविक स्वरूप की गहराई से जांच करवाने की तैयारी में है।
इसके लिए के वीसी प्रथमेश कुमार की ओर से रिमोट सैंसिंग ऐंड एप्लिकेशन सेंटर के डायरेक्टर को पत्र भेजा गया है। पत्र में अत्याधुनिक सैटलाइट तकनीक के माध्यम से भवन के निर्माण और उसकी जमीनी हकीकत का पता लगाने का अनुरोध किया गया है।
ईटीएस रिपोर्ट में बाहरी हिस्सा अवैधइससे पहले एलडीए की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक टोटल स्टेशन (ईटीएस) तकनीक से आरोपी के मकान की प्रारंभिक पैमाइश की थी। ईटीएस रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी का मुख्य मकान (भवन) जिस हिस्से पर बना है, वह जमीन भवन स्वामी की निजी संपत्ति है। यानी मुख्य रिहाइश का ढांचा उसकी खुद की जमीन पर खड़ा है। जांच में सबसे बड़ी गड़बड़ी मकान के बाहरी हिस्से में पाई गई है।
रिमोट सेंसिंग डायरेक्टर को पत्ररिपोर्ट के अनुसार, मकान की विशाल बाउंड्रीवॉल नजूल (सरकारी) की जमीन पर अतिक्रमण करके खड़ी की गई थी। एलडीए इसे ढहा चुका है। सरकारी जमीन पर की पुष्टि होने के बाद एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने मुख्य भवन के भीतर नक्शे के उल्लंघन और उसके वास्तविक स्वरूप की बारीकी से जांच करवाने का निर्णय लिया है। इसी सिलसिले में वीसी ने रिमोट सेंसिंग के डायरेक्टर को पत्र लिखा है।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- नक्शे का उल्लंघन: भवन का निर्माण एलडीए द्वारा पास नक्शे के अनुरूप है या इसमें कोई अवैध विस्तार किया गया है?
- समय और स्वरूप: निर्माण कब और किस चरण में किया गया? इससे स्पष्ट होगा कि सरकारी जमीन पर कब्जा कब से है।
- सटीक सीमांकन: सैटलाइट इमेजरी के जरिए सरकारी और निजी जमीन की सीमाओं का मिलान किया जाएगा।