MBBS In Uzbekistan: पिछले कुछ सालों से मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान MBBS की पढ़ाई के लिए काफी पॉपुलर हुआ है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय स्टूडेंट्स मेडिकल डिग्री लेने जा रहे हैं। लेकिन इनमें से काफी सारे स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जिनकी एजुकेशन क्वालिटी को लेकर काफी शिकायतें रही हैं। कुछ ऐसे भी स्टूडेंट्स हैं, जिनका कहना है कि यूनिवर्सिटीज का करिकुलम भारत के नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के हिसाब से नहीं है, जिस वजह से उनका भारत में मेडिकल प्रैक्टिस का भविष्य अधर में लटक जा रहा है।
अब भारत सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। ने मंगलवार को कहा कि सरकार इस बात पर ध्यान दे रही है कि मेडिकल या अन्य पढ़ाई के लिए उज्बेकिस्तान जाने वाले भारतीय छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन मिले और वे भारत में नेशनल मेडिकल कमीशन की गाइडलाइंस का पालन करें। भारत के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की तुलना में उज्बेकिस्तान के मेडिकल कॉलेज किफायती दाम में पढ़ाई करवाते हैं, जिस वजह से स्टूडेंट्स यहां बड़ी संख्या में डिग्री लेने जाते हैं।
भारतीय छात्रों को लेकर उज्बेकिस्तान के संपर्क में: विदेश मंत्रालयविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया ब्रीफिंग में मेडिकल एजुकेशन पर अपडेट दिया। वे उन खबरों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे, जिनमें दावा किया गया है कि उज्बेकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आई है। साथ ही, उनसे यह भी पूछा गया था कि क्या इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच कोई बातचीत चल रही है। जायसवाल ने कहा, 'भारतीय छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर हम उज्बेकिस्तान के पक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं।'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने द्वारा पहले जारी की गई सलाहों और साथ ही NMC की सलाह का हवाला दिया। इन सलाहों में उन छात्रों के लिए दिशानिर्देश दिए गए थे जो उज्बेकिस्तान के अलावा कई अन्य जगहों पर भी पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'प्लीज जारी की गई इन सलाहों को एक बार जरूर देख लें।'
भारतीय दूतावास की मेडिकल छात्रों को सलाहभारतीय दूतावास ने 25 जून को एक एडवाइजरी जारी की थी। दूतावास ने उज्बेकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों को सलाह दी कि अगर वे किसी एजुकेशन कंसल्टेंट (EC) की मदद लेना चाहते हैं, तो केवल उन्हीं कंसल्टेंट्स की सेवाएं लें जिनका कारोबार भारत में रजिस्टर्ड हो।
एडवाइजरी देखकर ही पढ़ने जाएं: विदेश मंत्रालयरणधीर जयसवाल ने अपने जवाब में कहा कि सरकार इस बात पर ध्यान दे रही है कि उज्बेकिस्तान (मेडिकल शिक्षा सहित) पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों को अच्छी क्वालिटी वाली एजुकेशन मिले, ताकि वे भारत की संस्था NMC की गाइडलाइंस का पालन कर सकें।
उन्होंने आगे कहा, 'यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि मेडिकल या अन्य पढ़ाई के लिए उज्बेकिस्तान जाने वाले भारतीय छात्रों का, भारत या उज्बेकिस्तान में, किसी गलत इरादे वाले व्यक्ति या समूह द्वारा शोषण न हो। जैसा कि मैंने पहले कहा, मेरी सलाह है कि आप हमारे द्वारा जारी की गई एडवाइजरी को जरूर देखें। इससे आपको बेहतर समझ आ जाएगा कि अभी जो कुछ भी हो रहा है, वह क्यों हो रहा है।'