AI कंपनियों पर अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने अपने मॉडल की ट्रेनिंग के लिए कंटेंट का बिना अनुमति इस्तेमाल किया है। इसे लेकर कई बड़ी AI कंपनियों को कानूनी विवादों का भी सामना करना पड़ा है। अब इस समस्या से निपटने के लिए एक नया तकनीकी प्रस्ताव आया है। इसके तहत वेबसाइट मालिक या कंटेंट क्रिएटर खुद बता सकेंगे कि उनके कंटेंट का इस्तेमाल AI मॉडल की ट्रेनिंग में किया जा सकता है या नहीं। खास बात यह है कि वे चाहें तो कुछ जानकारी के इस्तेमाल की अनुमति दे सकते हैं और बाकी को ट्रेनिंग से बाहर रखने की अपनी पसंद दर्ज कर सकते हैं।






नया प्रस्ताव आखिर है क्या?इंटरनेट के तकनीकी नियम बनाने वाली संस्था IETF के सामने एक नया प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत वेबसाइट मालिक अपनी वेबसाइट पर एक खास संकेत दे सकेंगे। यह संकेत AI कंपनियों को बताएगा कि वे वेबसाइट पर मौजूद खबरों, तस्वीरों, लेखों, विडियो और दूसरी जानकारी का इस्तेमाल अपने AI मॉडल को ट्रेनिंग देने के लिए कर सकती हैं या नहीं। इसके लिए वेबसाइट की मौजूदा तकनीकी फाइल में कुछ लाइनें जोड़नी होंगी।






नई व्यवस्था कैसे अलग होगी?अभी वेबसाइटों पर robots.txt नाम की एक फाइल होती है। इसमें वेबसाइट मालिक बताते हैं कि कौन से ऑटोमैटिक प्रोग्राम उनकी वेबसाइट के किन हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। नई व्यवस्था में इसी फाइल के जरिए एक अलग बात बताई जा सकेगी। मसलन, वेबसाइट मालिक कह सकेगा कि AI कंपनी का प्रोग्राम उसकी खबरों तक पहुंच सकता है, लेकिन उन्हें AI मॉडल की ट्रेनिंग में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।






इसे कैसे लागू कर सकेंगे?इसके लिए वेबसाइट की तकनीकी देखरेख करने वाले व्यक्ति को robots.txt फाइल में कुछ लाइनें जोड़नी होंगी। जैसे, पूरी वेबसाइट के कंटेंट को AI की ट्रेनिंग से बाहर रखने की पसंद इस तरह दर्ज होगी:




User-Agent: __usage_ai-training




Disallow: /




इसका मतलब होगा कि वेबसाइट मालिक नहीं चाहता कि उसके की सामग्री से AI मॉडल को ट्रेनिंग दी जाए। जैसे, किसी कंटेंट क्रिएटर की वेबसाइट पर विडियो भी है और प्रेस रिलीज भी। वह चाहे तो विडियो को AI ट्रेनिंग से बाहर रख सकता है और प्रेस रिलीज के इस्तेमाल की अनुमति दे सकता है। इसके लिए अलग फोल्डर के नियम जोड़े जा सकेंगे।






फायदा क्या होगा?अभी अलग-अलग AI कंपनियों के लिए अलग नियम बनाने पड़ते हैं। नई व्यवस्था का मकसद एक ही संकेत से सभी AI कंपनियों को वेबसाइट मालिक की पसंद बताना है। इससे अखबारों, ब्लॉग चलाने वालों और कंटेंट क्रिएटर्स का काम आसान होगा। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और OpenAI ने इस साझा व्यवस्था को अपनाने की योजना बताई है। एंथ्रोपिक ने भी इस पर काम शुरू कर दिया है।






क्या इससे AI कंपनियां कंटेंट इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी?यहां एक बात समझना जरूरी है। यह कोई ऐसा लॉक नहीं है, जो AI कंपनियों को वेबसाइट का कंटेंट लेने से तकनीकी रूप से रोक देगा। यह वेबसाइट मालिक की पसंद बताने का तरीका है। कंपनियों को इसे अपनाना और इसका सम्मान करना होगा। फिलहाल यह प्रस्ताव है, कोई कानूनी पाबंदी नहीं। इसके अलावा, पहले से ट्रेनिंग में इस्तेमाल हो चुकी जानकारी अपने आप नहीं हटेगी। नई व्यवस्था मुख्य रूप से आगे होने वाली AI ट्रेनिंग के लिए वेबसाइट मालिकों की पसंद स्पष्ट करेगी।

Contact to : xlf550402@gmail.com


Privacy Agreement

Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.