भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। कांग्रेस ने हरदीप पुरी के नामांकन फॉर्म में गलतियां बताते हुए फॉर्म निरस्त करने की मांग की थी। कांग्रेस की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी उम्मीदवार को समय दिया था। बीजेपी उम्मीदवार का पक्ष सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस की सभी आपत्तियां खारिज कर दीं।






निर्विरोध जीतना तयवहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी और एक अन्य निर्दलीय प्रत्याशी कांते सायन्ना का नामांकन निरस्त हो गया है। दो उम्मीदवारों का नामांकन रद्द होने के बाद हरदीप पुरी का निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना तय है। 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे नाम वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद हरदीप पुरी का निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा हो सकती है।






कांग्रेस ने क्या आपत्ति लगाई थीकांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि केंद्रीय मंत्री ने अपनी पत्नी का नाम हलफनामे में छिपाया है। शायद उनकी एक से ज्यादा पत्नियां हैं, तभी उन्होंने इस कॉलम को छोड़ दिया है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि राज्यसभा निर्वाचन के फॉर्म में स्पष्ट है कि उम्मीदवार को अपनी संपत्ति को भारतीय मुद्रा में लिखना अनिवार्य है, लेकिन पुरी ने ऐसा न करके विदेशी मुद्रा का उपयोग नियमों का उल्लंघन किया है।




शपथ पत्र में विदेशी खातों की जानकारी नहींनिर्वाचन नियमों के अनुसार, यदि किसी उम्मीदवार या उसके जीवनसाथी की संपत्ति विदेशों में स्थित है या विदेशी बैंकों में जमा है, तो हलफनामे में उसका मूल विदेशी मूल्य (जैसे स्विस फ्रैंक या डॉलर) और भारतीय रुपए में उसकी विनिमय दर दोनों का विवरण देना अनिवार्य होता है। हलफनामे में जिनेवा स्थित अपार्टमेंट और विदेशी खातों का विवरण दर्ज नहीं है।




हेमंत कटारे ने नोटरी एक्ट के उल्लंघन और नोटरी के उपस्थित न होने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत नामांकन पत्र के साथ जमा होने वाले शपथ पत्र (फॉर्म 26) को एक अधिकृत नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त के समक्ष सत्यापित कराना अनिवार्य होता है, लेकिन ऐसा पुरी ने नहीं किया, जो सीधे नोटरी नियमों का उल्लंघन है।

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