गयाजी: पितृपक्ष मेला से लेकर धार्मिक कार्यों के अलावा गयाजी की जीवन रेखा कही जाने वाली फल्गु नदी का कायाकल्प होने जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी लगातार प्रयास कर रहे थे। उन्होंने आज केंद्र और राज्य सरकार के बीच नदियों के गाद की निकासी के लिए हुए समझौते पर हस्ताक्षर के बाद कहा कि हम कहे थें ना…कि जब सर पर मोदी जी का हाथ है और भाई नितिन गडकरी जी का साथ है तो केकर मजाल है कि फल्गु नदी में पानी आए से रोक दे।
क्या बोले जीतन राम मांझी?उन्होंने आगे कहा कि को आगे बढ़ाते हुए आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी एवं बिहार के माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी की गरिमामयी उपस्थिति में बिहार में जल निकायों की वैज्ञानिक तरीके से गाद निकालने (डीसिल्टिंग) और निकाली गई उपयुक्त गाद का राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में उपयोग' करने की परियोजना के लिए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRT&H) और बिहार सरकार के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) से बिहार की आधारभूत संरचनाओं को मज़बूती मिलेगा।
फल्गु नदी का होगा कायाकल्पउन्होंने कहा कि यह एक सराहनीय कदम है जिससे फल्गु में ही नहीं राज्य के उन तमाम नदियों,नहरों में पानी आएगा जो आज सूखी पड़ीं हैं। तो दोनों हाथ उठाकर बोलिए…है NDA की डबल इंजन सरकार, तो ख़ूब तरक़्क़ी कर रहा बिहार। ध्यान रहे कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और बिहार सरकार ने राज्य में जलाशयों से गाद निकालने और उसका इस्तेमाल राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में करने के लिए मंगलवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए एनएचएआई ने बयान में कहा कि बिहार में जारी और प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए करीब 243 लाख घन मीटर गाद की जरूरत है।
लंबी रोड परियोजना को मिलेगी मदद लागत से 1,561 किलोमीटर लंबाई वाली 39 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके अलावा, करीब 1,85,200 करोड़ रुपये के निवेश वाली 1,982 किलोमीटर लंबी 11 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इस समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में राष्ट्रीय राजधानी में हस्ताक्षर किए गए। बयान के मुताबिक, गाद जमा होने से जलाशयों की जलधारण और जलप्रवाह क्षमता में आई कमी को दूर करना तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए उपयुक्त मिट्टी एवं भराव सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना इस पहल का उद्देश्य है।
इनपुट- एजेंसियां