धार: देवास जिले के खातेगांव में शराब से भरे वाहन को रोकने के दौरान ट्रक से कुचलकर जान गंवाने वाले टीआई दिलीप कुमार पुरी का सोमवार को उनके पैतृक गांव बरमंडल में अंतिम संस्कार किया गया। दोपहर करीब 4:20 बजे तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह गांव पहुंची तो बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। परिवार की चीख-पुकार के बीच गांव में शोक की लहर छा गई। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह पहुंची तो रो पड़ा पूरा गांवदोपहर करीब 4:20 बजे दिलीप पुरी की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव पहुंची। पत्नी, बेटी, माता-पिता और बहन सहित परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। अपने लाडले को तिरंगे में लिपटा देखकर परिजनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। इस दौरान देशभक्ति के नारों से गांव का माहौल गूंज उठा।
दुख की इस घड़ी में इंदौर आईजी अनुराग, कमिश्नर भास्कर लक्षाकार, कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी गांव पहुंचे। आईजी ने कहा कि दिलीप पुरी पुलिस परिवार के बहादुर और होनहार सदस्य थे। पूरा पुलिस विभाग उनके परिवार के साथ खड़ा है। मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है और कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
परिजनों ने अधिकारियों के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सीबीआई जांच शामिल है। परिवार ने यह भी मांग की कि बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए पत्नी को इंदौर में ही कार्यालयीन पद पर नियुक्ति दी जाए।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी अंतिम विदाईदिलीप पुरी के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर, एसपी सहित विधायक प्रताप ग्रेवाल और संत 1008 महामंडलेश्वर श्री आनंद गिरी महाराज ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद रथ में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। लाबरिया-दसाई मार्ग स्थित पैतृक शंकर मठ के समाधि स्थल पर दशनाम गोस्वामी समाज की परंपरा के अनुसार उन्हें समाधि दी गई। पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और हवाई फायर कर सलामी दी।
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