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आज के डिजिटल और ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में हम सभी अक्सर कूरियर (Courier) या डिलीवरी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। घर बैठे सामान मंगाना जितना आसान हो गया है, साइबर ठगों ने इसे लोगों को ठपने का उतना ही खतरनाक हथियार बना लिया है। इन दिनों देश भर में 'कूरियर फ्रॉड' (Courier Scam) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें शातिर ठग लोगों को डरा-धमकाकर उनकी गाढ़ी कमाई उड़ा रहे हैं।



अगर आपके पास भी कभी ऐसा कोई फोन या मैसेज आया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि यह स्कैम कैसे काम करता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।



 कैसे काम करता है कूरियर फ्रॉड? 

फर्जी कॉल या मैसेज:
आपके पास किसी अनजान नंबर से कॉल या मैसेज आता है कि FedEx, DHL या किसी अन्य प्रतिष्ठित कूरियर कंपनी से बोल रहे हैं।



अवैध सामान का डर: ठग आपको बताते हैं कि आपके नाम से एक पार्सल भेजा गया था, जिसे कस्टम (Customs) या पुलिस विभाग ने पकड़ लिया है। उस पार्सल में ड्रग्स, अवैध पासपोर्ट, सिम कार्ड या अन्य प्रतिबंधित सामान मौजूद है।



मुंबई या नारकोटिक्स पुलिस का डर: इसके बाद कॉल को कथित तौर पर 'मुंबई पुलिस' या 'नारकोटिक्स डिपार्टमेंट' के अधिकारी को ट्रांसफर किया जाता है। वे वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहनकर आपको डराते हैं और वीडियो कॉल पर ही 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) कर लेते हैं।



पैसे की मांग: मामले को रफा-दफा करने और आपका नाम केस से हटाने के लिए वे बैंक खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं। डर के मारे लोग अपनी सारी जमा पूंजी गंवा बैठते हैं।



 इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी सावधानियां:

घबराएं नहीं (Don't Panic): कोई भी कूरियर कंपनी, पुलिस या कस्टम विभाग कभी भी फोन कॉल या वीडियो कॉल पर इस तरह पूछताछ नहीं करता और न ही ऑनलाइन पैसे मांगता है। ऐसा कॉल आते ही सबसे पहले शांत रहें।



पर्सनल डिटेल्स शेयर न करें: अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल्स या ओटीपी (OTP) किसी भी अनजान कॉलर के साथ शेयर न करें।



लिंक या ऐप पर क्लिक न करें: किसी भी अनजान शख्स द्वारा भेजे गए एपीके (APK) फाइल या लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई रिमोट एक्सेस ऐप (जैसे AnyDesk, TeamViewer) अपने फोन में डाउनलोड करें।



कूरियर कंपनी से क्रॉस-चेक करें: यदि आपको वाकई किसी कूरियर पर शक है, तो संबंधित आधिकारिक कूरियर कंपनी की वेबसाइट पर जाकर उसका ट्रैकिंग नंबर खुद चेक करें।



अगर आप ठगी का शिकार हो जाएं तो क्या करें?

यदि अनजाने में आप इस फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं या आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो बिना एक मिनट गंवाए तुरंत ये कदम उठाएं:



साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें: घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे, आपके पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी।



पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें: तुरंत आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।



बैंक को सूचित करें: अपने बैंक से संपर्क करके तुरंत अपना खाता और कार्ड ब्लॉक करवा दें।

 

Contact to : xlf550402@gmail.com


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