चेन्नई: कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद दो संविधान और दो निशान खत्म हो गया। 2018 में कर्नाटक सरकार ने भी एक आधिकारिक ध्वज प्रस्तावित किया था, लेकिन 2019 में इसे भी खारिज कर दिया गया लेकिन तमिलनाडु में सीएम विजय की अगुवाई वाली सरकार राज्य ध्वज की वकालत की है। तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन और राजमोहन के बयान सामने आया हैं। विजय के करीबी मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि तमिलनाडु का एक अपना राजकीय झंडा होगा।
1 नवंबर को घोषित होगा अवकाशविजय की सरकार में एक अन्य वरिष्ठ मंत्री राजमोहन ने भी कहा है कि राज्य सरकार ने 1 नवंबर को आधिकारिक रूप से तमिलनाडु दिवस के तौर पर मान्यता दी है। इसी तरह भविष्य में राज्य का अलग झंडा लाने के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय जल्द ही इस प्रस्ताव पर भी विचार करेंगे कि 1 नवंबर को पूरे तमिलनाडु में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।
क्या बोले आधव अर्जुनतमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन ने कहा है कि तमिलनाडु का अपना एक राज्य का झंडा होगा। जिससे विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों के पास अपना झंडा है। तमिलनाडु के पास कोई झंडा नहीं है। तमिलनाडु के लिए एक राज्य का झंडा लाया जाएगा। भारतीय संविधान राज्य के झंडे पर रोक नहीं लगाता है। बीजेपी ने इसे अलगाववादी बताया है। बीजेपी नेता विनोझ पी. सेल्वम ने कहा एक्स पर लिखा है कि इस तरह की बयानबाजी से अलगाववादी सोच को बढ़ावा मिल सकता है। इससे ऐसा होगा कि तमिल पहचान और भारतीय पहचान एक-दूसरे के खिलाफ हैं। हमें दोनों पर गर्व होना चाहिए, तो हम उनके बीच विभाजन क्यों पैदा कर रहे हैं? उधर अलग झंडे के साथ मंत्री आधव अर्जुन ने दो-भाषीय नीति को जरूरी बताया हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि हमें स्कूली दिनों से ही अपनी मातृभाषा तमिल को प्राथमिकता देनी होगी।
स्टेट एंथम रखने वाले राज्यों की सूची
- आंध्र प्रदेश-मा तेलुगू तल्लिकि
- असम-ओ' मुर अपुनर देश
- बिहार-मेरे भारत के कंठहार
- छत्तीसगढ़-अरपा पैरी के धार
- गुजरात-जय जय गरवी गुजरात
- कर्नाटक-जय भारत जनानिया तनुजाते
- मध्य प्रदेश-मेरा मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र-जय जय महाराष्ट्र माझा
- मणिपुर-साना लेइबाक मणिपुर
- ओड़िशा-वन्दे उत्कल जननी
- तमिलनाडु-तमिल थाई वाजथु
- तेलंगाना-जय जय हे तेलंगाना
- उत्तराखंड- उत्तराखण्ड देवभूमि मातृभूमि
- पश्चिम बंगाल- बांग्लार माटी बांग्लार जोल
- पुदुच्चेरी (UT)- तमिल थाई वाल्थु
- मेघालय- री खासी, री प्नार, री गारो
- मिजोरम -रो मिन रेल्साक आंग चे
तमिलनाडु का सफर
- नवंबर 1956 को भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के दौरान मद्रास राज्य का गठन हुआ था।
- स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े शंकरलिंगनार ने मद्रास राज्य का नाम बदलकर तमिलनाडु करने की मांग उठाई थी।
- इस मांग को लेकर उन्होंने अनशन किया और अनशन के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
- 18 जुलाई 1967 को सीएम सी एन अन्नादुरई के नेतृत्व में मद्रास विधानसभा ने राज्य का नाम बदलकर तमिलनाडु का प्रस्ताव पारित किया।
- 14 जनवरी 1969 को तमिलनाडु नाम आधिकारिक रूप से लागू हुआ।
क्या है कानूनी स्थिति?एस आर बोम्मई मामले में सुप्रीम कोर्ट के 1994 के फैसले के अनुसार राज्यों के अलग झंडे पर रोक नहीं है, बशर्ते वह राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान न करता हो। वर्तमान में किसी भी राज्य के पास अपना ध्वज नहीं है। 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अपने आधिकारिक राज्यगान हैं। पहले केवल जम्मू और कश्मीर के पास अनुच्छेद 370 के तहत अपना अलग आधिकारिक ध्वज था, लेकिन साल 2019 में इसे समाप्त कर दिया गया। 2018 में कर्नाटक सरकार ने भी एक आधिकारिक ध्वज प्रस्तावित किया था, लेकिन 2019 में इसे भी खारिज कर दिया गया था।