भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले से एक अजब मामला सामने आया है। एक रिपोर्ट के अनुसार जिले के 350 शिक्षकों को एक ही महीने में एक से ज्यादा बार सैलरी, हाउस रेंट अलाउंस, परिवहन भत्ता और एरियर की डबल पेमेंट कर दी गई। लेकिन शिक्षा विभाग की जांच में ये मामला उजागर हो गया। इसको लेकर अब बिहार शिक्षा विभाग की स्थापना ब्रांच ने 350 शिक्षकों की लिस्ट ब्लॉक के हिसाब से संबंधित ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर्स को वेरीफाई करने के लिए भेज दी है।
350 शिक्षकों को एक महीने में एक से ज्यादा बार वेतनइस लिस्ट में टीचरों के नाम, तैनाती, बैंक अकाउंट नंबर और महीने में की गई पेमेंट की पूरी डिटेल दी गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा ने BEO को आदेश दिया है कि वो शिक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट का मिलान कर ज्यादा भेजे गए पैसों की डिटेल निकालें।
- 2024 में सबसे ज्यादा 214 टीचरों के बैंक अकाउंट में एक महीने में एक बार से ज्यादा सैलरी ट्रांसफर हुई।
- साल 2025 में ऐसे 109 मामले सामने आए जब शिक्षकों को एक महीने में एक से ज्यादा बार वेतन दिया गया। ये सभी मामले अकेले पीरपैंती ब्लॉक के हैं।
- साल 2026 में अभी तक 27 ऐसे मामले मिले जिसमें टीचरों को एक महीने में एक बार से ज्यादा भुगतान किया गया।
एक रिपोर्ट में तीन शिक्षकों का भी ब्योरा
ऐसे चला गया एक महीने में ज्यादा वेतनएक अखबार के अनुसार में बताया गया है कि डबल और एक्स्ट्रा पेमेंट शिक्षकों के पद में बदलाव के चलते हुआ। जब बिहार सरकार ने नियोजित शिक्षकों को विशिष्ट शिक्षक और विशिष्ट शिक्षकों को प्रधान शिक्षक या प्राधानाध्यापक बनाया तो पुराने पद पर भी वेतन गया। वहीं नए पद पर भी वेतन भेजा गया। इसी वजह से एक ही शिक्षक को एक महीने में दो बार वेतन चला गया। अब जांच इस बात की है कि जब संवर्ग बदले गए तो पुराने वाले से एनओसी और एलपीसी के बिना दो वेतन कैसे भेजे गए। वहीं ने ज्यादा वेतन पाने वाले शिक्षकों को कड़ा आदेश जारी किया है और कहा है कि वो 2 नवंबर तक एक्स्ट्रा मिले वेतन को चालान के जरिए सरकारी कोष में जमा कराएं।