नई दिल्ली: देश की सबसे तेज मानी जाने वाली ट्रेन वंदे भारत को 49 साल पुरानी एक ट्रेन ने यात्रा समय के मामले में पीछे छोड़ दिया है। दरअसल, हाल ही में दक्षिण भारत में चलने वाली वैगई एक्सप्रेस ने चेन्नई से मदुरै का सफर अपने तय समय से करीब दो घंटे पहले ही पूरा कर लिया। इस दौरान उसने वंदे भारत के 110 किलोमीटर प्रति घंटे के यात्रा समय की बराबरी कर ली। दक्षिण भारत की चर्चित ऐतिहासिक नदी वैगई के नाम वाली इस ट्रेन ने यह यात्रा तब रिकॉर्ड समय में पूरी की, जब वह चेन्नई स्टेशन से देरी से रवाना हुई थी। वैगई एक्सप्रेस सेवा 1977 से चेन्नई और मदुरै के बीच चल रही है। समय के साथ इसके कोच और इंजन अपग्रेड किए गए हैं और हाल ही में 2019 में इसमें आधुनिक LHB कोच भी जोड़े गए।
10 मिनट देरी से रवाना होकर भी कर ली वंदे भारत की बराबरी
- द इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार, हाल ही में 24 अक्टूबर को वैगई एक्सप्रेस ने वंदे भारत के यात्रा समय की बराबरी कर ली, जबकि वंदे भारत ने इस रूट पर सितंबर 2023 में ही चलना शुरू किया था।
- वैगई सुपरफास्ट एक्सप्रेस चेन्नई एग्मोर से 10 मिनट की देरी से रवाना हुई। इसके बाद, कोडमबक्कम के पास ट्रैक के रखरखाव (मेंटेनेंस) के कारण इसे लगभग 20 मिनट और देरी का सामना करना पड़ा।
यात्रा के ज्यादातर हिस्सों में वैगई की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटेज्यादातर हिस्सों में वैगई ट्रेन 110 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चली। केवल मदुरै के पास, जहां निर्माण कार्य चल रहा था, ट्रेन की गति धीमी हुई। विल्लुपुरम में क्रू भी बदला गया, जहां से मदुरै डिवीजन की टीम ने जिम्मेदारी संभाली।
चेन्नई से मदुरै का सफर 5:35 मिनट में पूरा कियाचेन्नई एग्मोर से तिरुनेलवेली जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अपने रास्ते में मदुरै में रुकती है। यह चेन्नई से मदुरै तक का सफर लगभग 5 घंटे 35 मिनट में पूरा करती है। यह वंदे भारत सेवा सितंबर 2023 में ही शुरू हुई थी। 24 अक्टूबर को, देरी के बावजूद, वैगई एक्सप्रेस ने भी ठीक इतना ही समय लिया।
100 की रफ्तार से चलने वाली भारत की पहली मीटर गेज ट्रेन वैगई
- वैगई एक्सप्रेस भारत की पहली मीटर-गेज ट्रेन थी जो 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली।
- यह पहली ऐसी मीटर-गेज सेवा भी थी जिसमें पैंट्री कार की सुविधा थी।
- 1994 में, इसने भारत की पहली 42 सीटों वाली AC कोच सेवा को मीटर-गेज ट्रेन में शामिल किया।
- 2019 में, इसके कोचों को आधुनिक LHB रेक में अपग्रेड कर दिया गया।
- लगभग पांच दशक बीत जाने के बाद भी, यह आज भी भारत की सबसे नई ट्रेनों के साथ कदम मिलाकर चल रही है।
वैगई सुपरफास्ट एक्सप्रेस: गौरवशाली इतिहास
- वैगई सुपरफास्ट एक्सप्रेस सदर्न रेलवे जोन से चलाई जाने वाली प्रमुख इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन है, जो चेन्नई एग्मोर और मदुरै जंक्शन को जोड़ती है।
- वैगई को सदर्न रेलवे का राजा कहा जाता है। इस ट्रेन का दक्षिण भारत में हाई-स्पीड रेल यात्रा की शुरुआत करने का इतिहास रहा है।
- 15 अगस्त 1977 को मदुरै और चेन्नई के बीच एक प्रतिष्ठित डे-टाइम इंटरसिटी लिंक के रूप में इसकी शुरुआत हुई।
- शुरुआत में वैगई को YDM-4A डीजल इंजनों द्वारा खींचा जाता था।
- 1995 में, चेन्नई और विल्लुपुरम के बीच कुछ समय के लिए इसे YAM-1 AC इलेक्ट्रिक इंजनों द्वारा चलाया गया था।
- 1999 से इसे मीटर-गेज से ब्रॉड-गेज में बदला गया।
- पूरे रूट के विद्युतीकरण के बाद इलेक्ट्रिक इंजनों (WAP-4 और बाद में WAP-7 श्रेणी) का इस्तेमाल शुरू हुआ।
- 30 जून 2019 को इसके कोचों को आधुनिक लिंके हॉफमैन बुश (LHB) रेक में अपग्रेड कर दिया गया।
- 3 मार्च 2022 को वैगई ने मदुरै से चेन्नई तक की दूरी 6 घंटे 40 मिनट में तय करके अपना ही ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ा।
- 15 अक्टूबर 2022 को इसने फिर से रिकॉर्ड बनाया और इस दूरी को 6 घंटे 34 मिनट में पूरा किया।