सीतामढ़ी: सूबे के विभिन्न जिलों में शिक्षकों के वेतन एवं अन्य मदों में अधिक राशि के भुगतान के बाद पिछले दो माह में विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अब तक की जांच में विभिन्न जिलों में करोड़ों रुपये के अवैध भुगतान का मामला उजागर हो चुका है। इसके लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई है। इस बीच, वित्त विभाग ने सभी जिलों के जिलाशिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें वेतन से ज्यादा आई रकम को तुरंत वापस करने का आदेश दिया है। सीतामढ़ी के डीपीओ ने भी पत्र के आलोक में जिले के तमाम शिक्षकों से कहा है कि अगर वेतन मद में उन्हें अधिक राशि का भुगतान हुआ हो, तो लौटा दें, अन्यथा जांच में मामला उजागर होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
2 नवबंर 26 तक भुगतान करेंवित्त विभाग के पत्र एवं शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) के 12 अक्टूबर 26 के पत्र के आलोक में डीपीओ ने कहा है कि सभी कोटि के शिक्षकों एवं कर्मियों का वेतन आदि भुगतान का सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने शिक्षक व कर्मियों को निर्देश दिया है कि अपने स्तर से वेतन मद में ली गयी भुगतान राशि (सैलरी स्टेटमेंट) का जांच कर आश्वस्त हो लें कि किसी प्रकार के अतिरिक्त राशि का भुगतान खाते में नहीं हुआ है। अगर किसी भी मद में अतिरिक्त राशि का भुगतान हुआ है, तो नियमित शिक्षक/विशिष्ट शिक्षक/विद्यालय अध्यापक कोषागार चालान के माध्यम से एवं स्थानीय निकाय शिक्षक उनसे (डीपीओ, स्थापना) से सम्पर्क स्थापित कर संबंधित खाता में 2 नवंबर 2026 तक जमा करना सुनिश्चित करेंगें।
डीपीओ ने क्लियर कर दिया है कि राशि जमा नहीं करने की स्थिति में जांच के क्रम में यदि पाया जाता है तो संबंधित शिक्षक के विरूद्ध कठोर अनुशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जायेगी।
मोतिहारी में 60 लाख का भुगतानगौरतलब है कि मोतिहारी में मानव संपदा प्रबंधन प्रणाली पोर्टल के जरिए 60 लाख रुपये से अधिक राशि का अवैध भुगतान हुआ है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के आदेश पर इस मामले में एक मदरसा शिक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। माना जा रहा है कि अन्य जिलों में भी ऐसे मामले सामने आने की उम्मीद है और कार्रवाई भी संभव है।
भागलपुर में भी फर्जी भुगतानबता दें कि पिछले माह भागलपुर में फर्जी शिक्षिका के नाम पर करीब 52 लाख से 98 लाख रुपये तक के अवैध भुगतान का मामला उजागर हुआ था। इस मामले में वहां के डीईओ और डीपीओ को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दोनों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। विभाग फर्जीवाड़े को रोकने के लिए राज्य के सभी 38 जिलों में वेतन और भत्तों का आंतरिक ऑडिट करा रहा है। वहीं, वित्त विभाग ने अगले महीने की सैलरी रिलीज से पहले सभी आंकड़ों की जांच करने का निर्देश दिया है।
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