नई दिल्ली: किसी भी कारोबार में बड़ा निवेश कड़ी कमाई की गारंटी नहीं होता। ऐसा ही कुछ हरियाणा के फरीदाबाद में जिम चलाने वाले नितेश यादव के साथ हुआ। उन्होंने जिम शुरू करने में मोटी रकम खर्च की, लेकिन मुनाफा उतना नहीं हो रहा है। नितेश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपने कारोबार की कमाई और खर्च का हिसाब शेयर किया है।
नितेश यादव ने बताया कि जिम में हर महीने करीब 20 लाख रुपये की कमाई होती है, लेकिन तमाम खर्च और लोन की किस्त चुकाने के बाद उनके पास सिर्फ 2 से 3 लाख रुपये बचते हैं। जबकि उन्होंने जिम शुरू करने में 3 करोड़ रुपये की रकम खर्च की थी। ऐसे में जिम का कारोबार बाहर से जितना चमकदार दिखता है, उसे चलाने का खर्च उतना ही ज्यादा हो सकता है।
कहां खर्च होता है पैसा?
- इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में नितेश यादव ने बताया कि जिम से उनकी औसत मासिक कमाई 2 लाख से 8 लाख रुपये के बीच रहती है।
- उन्होंने 20 लाख रुपये की मासिक कमाई का उदाहरण देते हुए खर्च का पूरा हिसाब समझाया है।
- उनके मुताबिक जिम के कर्मचारियों की सैलरी पर हर महीने 6 से 7 लाख रुपये खर्च होते हैं।
- किराया जीएसटी समेत करीब 4 लाख रुपये है।
- बिजली का बिल 70 हजार से 1 लाख रुपये तक आता है।
- इसके अलावा दूसरे छोटे-बड़े खर्चों पर 1 से 3 लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं।
- इन सभी खर्चों के बाद करीब 5 से 6 लाख रुपये बचते हैं। लेकिन यह पूरी रकम जिम मालिक का मुनाफा नहीं होती।
जिम खोलने में लगाए 3 करोड़ रुपयेनितेश ने बताया कि उनका जिम करीब 3 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हुआ है। इसमें जिम के उपकरण, इंटीरियर, तीन महीने का एडवांस किराया, तीन महीने का मेंटेनेंस और मार्केटिंग का खर्च शामिल है।
इस निवेश के लिए लिए गए लोन की ईएमआई करीब 3 लाख रुपये हर महीने चुकानी पड़ती है। ऐसे में 5 से 6 लाख रुपये में से 3 लाख रुपये किस्त में चले जाते हैं। इसके बाद उनके पास करीब 2 से 3 लाख रुपये बचते हैं। घर और निजी खर्च भी इसी रकम से पूरे करने होते हैं।
जिम में लगातार निवेश जरूरीनितेश का कहना है कि जिम के कारोबार में बाजार में अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार निवेश करना पड़ता है। सिर्फ उपकरण खरीदकर और जिम खोलकर काम खत्म नहीं हो जाता। ग्राहकों की उम्मीदों और प्रतिस्पर्धा के हिसाब से सुविधाएं भी बेहतर बनानी पड़ती हैं। न्होंने वीडियो में कहा कि बाहर से हर कारोबार चमकदार दिख सकता है, लेकिन उसकी असली तस्वीर खर्चों को देखने के बाद ही समझ आती है।
पुराने सदस्यों को रोकना जरूरीनितेश ने अपने वीडियो के कैप्शन में जिम कारोबार की कमाई का एक अहम पहलू भी बताया। उनके मुताबिक, जिम की आय में से किराया, कर्मचारियों की सैलरी और रखरखाव का खर्च घटाने के बाद ही असली मुनाफा निकलता है। उन्होंने कहा कि इस कारोबार में सिर्फ नए सदस्य जोड़ना ही काफी नहीं है। पुराने सदस्यों को लंबे समय तक जिम से जोड़े रखना यानी मेंबर रिटेंशन भी बेहद जरूरी है।
बड़ा निवेश मुनाफे की गारंटी नहीं किसी भी कारोबार में ज्यादा पैसा लगाने का मतलब यह नहीं है कि मुनाफा भी उतना ही बड़ा होगा। कई बार कारोबारी अच्छी-खासी रकम निवेश कर देते हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं होती। इसकी बड़ी वजह कारोबार चलाने का ज्यादा खर्च, कमजोर बिजनेस रणनीति, बाजार में मांग की कमी और कर्ज का बोझ हो सकता है। कारोबार की असली सफलता इस बात से तय होती है कि निवेश के मुकाबले कितना मुनाफा मिल रहा है।
इन 5 बातों का रखें ध्यान
किसी कारोबार में यह देखना ज्यादा जरूरी है कि निवेश की गई रकम से कितनी कमाई हो रही है। इसे निवेश पर रिटर्न कहते हैं।बड़े स्तर पर कारोबार शुरू करने के लिए अक्सर महंगी जगह, ज्यादा कर्मचारी, बेहतर मशीनें और दूसरी सुविधाओं की जरूरत होती है। इससे कारोबार के नियमित खर्च भी बढ़ जाते हैं। इससे कारोबार का मुनाफा कम हो जाता है।कारोबार शुरू करने से पहले बाजार की मांग, ग्राहकों की पसंद, प्रतिस्पर्धा और कमाई की संभावनाओं का आकलन करना जरूरी है।अगर कारोबार से होने वाली कमाई कर्ज की लागत से कम है, तो मुनाफा घटने लगता है। वहीं, बाजार में मांग कमजोर होने या बिक्री कम रहने पर कर्ज चुकाना और मुश्किल हो सकता है।कारोबार शुरू करने से पहले सिर्फ निवेश की रकम या संभावित बिक्री पर ध्यान देना काफी नहीं है। यह समझना भी जरूरी है कि सभी खर्च, ब्याज और कर्ज की किस्त चुकाने के बाद कितना पैसा बचेगा।