चेन्नई : उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन पसुमपोन पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी दिन थेवर को श्रद्धांजलि देने के लिए इस स्मारक पर आएंगे। उन्होंने कहा कि अगर मुथुरामलिंग थेवर अपने सिद्धांतों से समझौता कर लेते, तो वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन सकते थे। लेकिन उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के समर्थक बने रहना ही चुना। मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि भविष्य में किसी तमिल व्यक्ति के प्रधानमंत्री बनने की संभावना बनी हुई है। उनके इस बयान के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।
उपराष्ट्रपति से जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई तमिल व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है? तो उन्होंने कहा, 'एक तमिल व्यक्ति के प्रधानमंत्री बनने का अवसर हमेशा रहता है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में, हर किसी के पास यह अवसर है। भविष्य में देश का प्रधानमंत्री कोई तमिल व्यक्ति हो सकता है।'
'कर्नाटक से और गुजरात से पीएम बना'उपराष्ट्रपति ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे पास कर्नाटक से एक प्रधानमंत्री रह चुके हैं। अभी हमारे पास गुजरात से एक प्रधानमंत्री हैं। हालांकि तमिलनाडु से कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री नहीं बना है, लेकिन राज्य के तीन लोग राष्ट्रपति और तीन लोग उपराष्ट्रपति रह चुके हैं, जिनमें वर्तमान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन भी शामिल हैं। राधाकृष्णन, 1998 से 2004 तक कोयंबटूर से भाजपा सांसद रहे थे, ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के साथ मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर का दौरा किया।
फिर उठी थलपति विजय के पीएम बनने की मांगउपराष्ट्रपति का बयान सामने आते ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय के फैंस ने सीएम विजय को पीएम बनाने की मांग उठानी शुरू कर दी। विजय के समर्थकों ने दावा किया कि उपराष्ट्रपति के बयान का साधा इशारा सी जोसेफ विजय की तरफ था। भविष्य में विजय ही देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। विजय के समर्थकों ने कहा कि विजय में ही देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की योग्यता है।
प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में विजयपिछले दिनों मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में एक विशेष प्रस्ताव पेश किया, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित परिसीमन विधेयक (डिलिमिटेशन बिल) का विरोध किया गया। इस पर चर्चा के दौरान, 'तमिलगा वेत्री कझगम' (TVK) के महासचिव और लोक निर्माण मंत्री अधव अर्जुन ने कहा कि राजनीतिक सत्ता केवल उत्तर प्रदेश, बिहार या गुजरात जैसे उत्तरी राज्यों तक ही सीमित नहीं है; प्रधानमंत्री दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु से भी आना चाहिए।
TVK सदस्यों ने 'प्रधानमंत्री पद' के लिए दावेदारी का माहौल बनायाविधानसभा में आथव अर्जुन की टिप्पणी के बाद, TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) के प्रमुख पदाधिकारियों और मंत्रियों ने एक कदम आगे बढ़ते हुए दावा किया कि 2029 के संसदीय चुनावों में, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को भारत के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जाएगा। TVK विधायक कनिमोझी संतोष ने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी ने विजय को मुख्यमंत्री बनने में मदद की थी, उसी तरह वे 2029 में उन्हें प्रधानमंत्री बनने में भी मदद करेंगे।
क्या यह TVK-कांग्रेस गठबंधन को तोड़ने की कोशिश है?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपराष्ट्रपति की यह टिप्पणी, TVK (तमिलगा वेत्री कझगम) और कांग्रेस के बीच गठबंधन में नए सिरे से दरार डालने की एक कोशिश है। अभी विजय के प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार होने से जुड़ा विवाद शांत ही हुआ था कि उपराष्ट्रपति के बयान ने TVK सदस्यों के बीच 'प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होना चाहिए'- इस सवाल को फिर से हवा दे दी है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे तमिलनाडु में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर राहुल गांधी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है और 'धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय' गठबंधन के भीतर मतभेद पैदा हो सकते हैं।
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