रामपुर: वरिष्ठ सपा नेता आजम खान का जेल से रिहा होने का रास्ता लगभग साफ होता नजर आ रहा है। हाईकोर्ट से दो पैन कार्ड मामलों में जमानत मिलने के बाद रामपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने पांच अन्य मुकदमों में भी रिहाई परवाने जारी कर दिए हैं। हालांकि, शुक्रवार को जमानतियों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उनकी रिहाई टल गई। अब शनिवार को सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर आजम खान के जेल से बाहर आने की उम्मीद है। दूसरी ओर, सोमवार को ईडी के मुकदमे में होने वाली सुनवाई उनकी रिहाई की राह में नया पेंच फंसा सकती है।




आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की मुश्किलें कम होने के संकेत हाईकोर्ट के फैसले के बाद दिखाई देने लगे हैं। दोनों को 17 नवंबर 2025 को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल ने सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोनों रामपुर जेल में बंद हो गए थे। अभियोजन की अपील पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट सेशन ट्रायल ने आजम खान की सजा बढ़ाकर दस साल कर दी थी।



जमानती दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू




जेल जाने के बाद आजम खान और अब्दुल्ला ने अपने अन्य मुकदमों में पहले से मिली जमानतें तुड़वा दी थीं। अब हाईकोर्ट से पैन कार्ड के दोनों मामलों में राहत मिलने के बाद स्थानीय अधिवक्ताओं ने दूसरे मुकदमों में भी दोबारा जमानती दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की।



पांच मुकदमों में जारी हुए रिहाई परवाने




शुक्रवार को जमानतियों के सत्यापन के लिए तहसील प्रशासन और पुलिस की रिपोर्ट अदालत पहुंचनी शुरू हुई। दोपहर तक पांच मुकदमों में सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद अदालत ने रिहाई परवाने जारी कर दिए। इनमें डूंगरपुर प्रकरण के तीन मुकदमे, यतीमखाना प्रकरण का एक मामला और एससी-एसटी एक्ट का एक मुकदमा शामिल है। इस खबर के बाद सपा समर्थित अधिवक्ताओं और कार्यकर्ताओं में आजम खान की रिहाई की उम्मीद बढ़ गई। कई अधिवक्ता जेल भी पहुंच गए, लेकिन बाकी मामलों में जमानतियों का सत्यापन पूरा नहीं होने से रिहाई की प्रक्रिया अटक गई।




बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू ने बताया कि अधिवक्ताओं ने अदालत से बिना सत्यापन के रिहाई परवाने जारी करने का अनुरोध किया था, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। वहीं, आजम खान की पैरवी कर रहे अधिवक्ता नासिर सुल्तान के मुताबिक पांच मामलों में सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद रिहाई परवाने जारी हो चुके हैं।



सोमवार को ईडी की सुनवाई बनेगी नई चुनौती




आजम खान की रिहाई के लिए शनिवार का दिन बेहद अहम है। यदि सभी लंबित मामलों में जमानतियों के दस्तावेज और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो शाम तक उनकी जेल से रिहाई संभव है। ऐसा नहीं होने पर रविवार को न्यायालय का अवकाश होने के कारण मामला आगे खिंच सकता है।




इस बीच सोमवार को ईडी के मुकदमे में आजम खान को अदालत में पेश होना है। ईडी ने अजीम नगर थाने में दर्ज भ्रष्टाचार की प्राथमिकी के आधार पर कार्रवाई करते हुए एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट सेशन ट्रायल में रिमांड के लिए आवेदन दिया है। अदालत ने इस मामले में आजम खान को सोमवार को उपस्थित होने का आदेश दिया है। यदि सुनवाई के दौरान रिमांड वारंट स्वीकृत हो जाता है तो आजम खान को इस मुकदमे में भी जमानत लेनी पड़ेगी। ऐसे में पांच मामलों में रिहाई परवाने जारी होने के बावजूद उनकी जेल से बाहर आने की राह में ईडी का मामला सबसे बड़ी बाधा बन सकता है।

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