वास्तु शास्त्र में घर के मेन गेट को सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं, बल्कि घर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। घर के इसी हिस्से से सकारात्मक ऊर्जा आपके घर में आती है और यहीं से और मां लक्ष्मी का भी प्रवेश होता है। वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, सुबह के समय किए गए कुछ छोटी और सटीक उपाय से घर का पूरा माहौल बदला जा सकता है। मां लक्ष्मी को साफ-सफाई और पवित्रता सबसे प्रिय हैं, इसलिए अगर रोज सुबह उठकर मुख्य चौखट पर हल्दी और फिटकरी के ये दो उपाय करने से धन की देवी खुद चलकर आपके घर आती हैं और तंगी हमेशा के लिए दूर हो जाती है।
1- चौखट पर हल्दी और गंगाजल का छिड़काव सुबह सबसे पहले मेन गेट के आस-पास की जगह को अच्छे से साफ करें और तांबे के लोटे में साफ पानी, थोड़ा गंगाजल और एक चुटकी पिसी हुई हल्दी डाल लें। इस पानी को आम या अशोक के पत्तों की मदद से मुख्य चौखट और उसके दोनों तरफ छिड़कें। वास्तु गुरु मान्या के मुताबिक, आपका मुंह उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। ज्योतिष में हल्दी को देवगुरु बृहस्पति का प्रतीक माना गया है। हल्दी और गंगाजल मुख्य द्वार को शुद्ध करके मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए तैयार करता है। जब चौखट पवित्र होती है, तभी लक्ष्मी जी वहां स्थायी रूप से वास करती हैं और सारी नकारात्मक ऊर्जा बाहर ही रुक जाती है।
2- पायदान के नीचे छिपाकर रखें फिटकरी का टुकड़ा फिटकरी का एक छोटा सा साबुत टुकड़ा और उसे लाल रंग के कपड़े में अच्छे से बांधकर मेन गेट के पायदान के नीचे छिपाकर रख दें। ऐसा करते हुए ध्यान रहे कि इसपर बाहर से आने वाले शख्स की नजर न पड़े। हर महीने की अमावस्या तिथि के दिन इसे बदल दें और पुरानी फिटकरी को घर से दूर किसी सुनसान जगह पर फेंक दें। वास्तु गुरु के अनुसार, इस उपाय से नकारात्मक ऊर्जा घर के अंदर नहीं आ पाएगी। इससे घर में सुख-शांति होगी है और मां लक्ष्मी का आगमन होगा।
मुख्य द्वार के 3 जरूरी वास्तु नियम नोट कर लें
- मेन गेट के ठीक सामने या आस-पास कभी भी डस्टबिन, कूड़ा-कचरा या गंदे जूते-चप्पल का ढेर न लगाएं। मां लक्ष्मी ऐसे द्वार से तुरंत उलटे पैर लौट जाती हैं।
- मेन गेट को खोलते या बंद करते समय चरमराने की आवाज बिल्कुल नहीं आनी चाहिए। इसे एक बड़ा वास्तु दोष माना जाता है, जो सीधे धन के नुकसान का कारण बनता है।
- शाम के समय मुख्य द्वार पर अंधेरा न रहने दें। वहां एक अच्छा ब्राइट बल्ब जरूर जलाएं, क्योंकि गोधूलि बेला में ही लक्ष्मी जी का घर में प्रवेश होता है।