नई दिल्ली: अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी PepsiCo को जानते होंगे। इसकी एक गलती की वजह से उसे हजारों रुपये का फटका लगा है। कंपनी के पोटैटो चिप्स के प्रोडक्ट लेज के 5 रुपये के पैकेट में तय वजन से काफी कम चिप्स भरा हुआ था। कंपनी की इस गलती को एक जागरूक ग्राहक ने पकड़ लिया। उसने कंपनी को कंज्यूमर कोर्ट में घसीट लिया। कोर्ट ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को पैकेट की कीमत लौटाने का निर्देश दिया है। साथ ही ग्राहक को 8,000 रुपये हर्जाने और मुकदमे के खर्च के लिए भी दिलवाया।
क्या है मामला
यह मामला 5 रुपल्ली के चिप्स के पैकेट की खरीद का है। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर के निवासी चंदरमन जालान ने 10 नवंबर 2020 को के आउटलेट से कुछ घरेलू सामानों की खरीदारी की थी। उसमें पेप्सिको कंपनी के लेज ब्रांड के 5 रुपये का चिप्स का पैकेट भी शामिल था। इस पैकेट पर चिप्स का वजन 15 ग्राम लिखा हुआ था। वह जब अपने मेहमानों को यह परोसने लगा तो पैकेट का वजन कुछ ज्यादा ही हल्का बुझाया। M/s Jalan Building and Hardware Store के मालिक जालान ने तुरंत उस पैकेट का मशीन पर वजन किया, तो पता चला कि चिप्स का वजन तो महज 4 ग्राम ही है।
मामला धोखाधड़ी का?
कारोबारी व्यक्ति जालान ने फिर से चिप्स के पैकेट पर छपा वजन पढ़ा। वहां चिप्स का वजन 15 ग्राम लिखा था, जबकि असल में उसमें 4 ग्राम ही चिप्स ही भरा था। मतलब कि मामला धोखाधड़ी का लगा। इसके बाद उन्होंने कुछ लोगों से सलाह-मशविरा किया। फिर 6 अप्रैल 2022 को उन्होंने The District Consumer Disputes Redressal Commission-II, Jaipur का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने में दिए आवेदन में कंपनी पर सेवा में कमी और अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस का आरोप लगाया।
कंज्यूमर फोरम ने क्या आब्जर्व किया?
रिपोर्ट के मुताबिक कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष अशोक शर्मा एवं सदस्य अजय कुमार तथा सुप्रिया अग्रवाल ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान Metro Cash & Carry ने कहा कि वह तो सामान के विक्रेता हैं। यदि आलू चिप्स के पैकेट में वजन कम है तो इसके लिए उसे बनाने वाली कंपनी PepsiCo जिम्मेदार है। यह उल्लेखनीय है कि कंज्यूमर कोर्ट के नोटिस सर्व करने के बावजूद पेप्सिको को कोई अधिकारी या प्रतिनिधि वहां उपस्थित नहीं था। तमाम दस्तावेजों एवं साक्ष्य का अध्ययन करने के बाद कोर्ट ने माना कि इसमें मेट्रो कैश एंड कैरी की कोई गलती नहीं है। गलती है तो उसे बनाने वाली कंपनी की। इसलिए रिटेलर के खिलाफ की गई शिकायत को खारिज कर दिया।
कोर्ट ने क्या दिया आदेश
ने PepsiCo को लेज पैकेट की खरीद के लिए चुकाई गई रकम मतलब कि 5 रुपये वापस करने का निर्देश दिया। साथ ही 6 अप्रैल 2022 से रकम भुगतान की तारीख तक इस रकम पर 6 फीसदी सालाना ब्याज भी भरने का आदेश दिया। इसके अलावा कंपनी को कहा गया कि वह ग्राहक को हुई मानसिक परेशानी के लिए 5,000 रुपये का हर्जाना दे। साथ ही मुकदमे के खर्च के लिए 3,000 रुपये भी दे। मतलब कि 5 रुपये के चिप्स के पैकेज के चक्कर में पेप्सिको को 8,000 रुपये से ज्यादा का फटका लग गया। कोर्ट ने कहा है कि इस रकम का भुगतान फैसले के एम महीने के अंदर हो जाना चाहिए नहीं तो इस रकम पर भी ब्याज देना होगा।
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