अस्ताना: विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के इतिहास में 2026 से पहले सिर्फ एक ही भारतीय महिला फाइनल में पहुंची थी। मंगलवार को दो महिला रेसलर काजल ढोचक ने 76 तो नीलम सिरोही 50 किलोग्राम के इवेंट में फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि दोनों ही खिलाड़ी गोल्ड मेडल का मुकाबला हार गई। अब एक और भारतीय महिला रेसलर ने चैंपियनशिप के फाइनल में जगह पक्की कर ली है।ॉ
मनीषा भानवाला फाइनल में पहुंचींमनीषा भानवाला ने महिलाओं 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर विश्व चैंपियन बनने की भारत की उम्मीदों को जीवंत रखा। मनीषा ने दो मुकाबले पिनफॉल से जीते और एक अन्य मुकाबले में एक भी अंक नहीं गंवाया। मनीषा ने कजाकिस्तान की अल्टीन शागायेवा को पिनफॉल करने से पहले 10-0 की बढ़त बना ली थी। गोल्ड मेडल के मुकाबले में उनका सामना पैन अमेरिकन चैंपियन अबीगैल एलिजाबेथ नेट से होगा। मनीषा ने गैर ओलंपिक 59 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लेने का विकल्प चुना।
तनु ने 72 किलोग्राम में ब्रॉन्ज मेडल जीताइस बीच तनु ने महिलाओं के 72 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है। उन्होंने अमेरिका की प्रेशियस रोसन्ना बेल को 9-5 से हरा दिया। इससे भारत का इस प्रतियोगिता के महिला वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सुनिश्चित हो गया। भारत के लिए 2012 की विश्व चैंपियनशिप में गीता और बबीता फोगाट ने कांस्य पदक जीते थे जबकि इस बार उसके चार पदक तय हो गए हैं।
अभी तक भारत के पास सिर्फ एक ही गोल्डकुश्ती विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में भारत के नाम सिर्फ एक ही गोल्ड मेडल है। यह मेडल 2010 के मास्को में हुए विश्व चैंपियनशिप में आया था। तब सुशील कुमार ने 66 किलोग्राम कैटेगरी में गोल्ड अपने नाम किया था। उन्होंने फाइनल में रूस के रेसलर एलान गोगएव को हराया था।