नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट से बहुचर्चित जेडीयू विधायक अनंत सिंह की बेल रद्द हो गई है। अब उन्हें सरेंडर करना होगा। अनंत सिंह अभी दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत पर बाहर हैं। उन्हें पटना हाई कोर्ट ने जमानत दी थी, जिसके आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी भी की है।
अनंत सिंह की जमानत सुप्री कोर्ट से रद्दबिहार के मोकामा इलाके में कुख्यात दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेडीयू के विधायक अनंत सिंह को बहुत बड़ा कानूनी झटका लगा है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी है और उन्हें 1 दिसंबर, 2026 से पहले संबंधित अधिकारियों के सामने सरेंडर करने को कहा है।

सु्प्रीम कोर्ट ने क्यों रद्द की अनंत सिंह की बेल
- सुप्रीम कोर्ट में दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुनवाई के दौरान जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीवी वरले की बेंच ने इस मामले में पटना हाई कोर्ट के उन्हें बेल देने वाले आदेश को भी गलत बताया है।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनंत सिंह की जमानत मंजूर करते वक्त पटना हाई कोर्ट ने इस मामले में अपराध की प्रकृति और जेडीयू एमएलए की आपराधिक पृष्ठभूमि पर विचार नहीं किया।
- सुप्रीम कोर्ट ने इसी आधार पर पटना हाई कोर्ट के आदेश को निलंबित करते हुए अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी है।
दुलारचंद यादव हत्याकांड क्या है?
- दुलारचंद यादव आरजेडी के पूर्व विधायक थे, जिनकी 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हत्या कर दी गई थी।
- विधानसभा चुनाव के दौरान जब दुलारचंद का कत्ल हुआ, वे जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में कैंपेन करने निकले हुए थे।
- घटना ठीक एक साल पहले 30 अक्टूबर,2025 मोकामा की है।
- मोकामा के मौजूदा विधायक अनंत सिंह और जन सुराज के प्रत्याशी पियूष प्रियदर्शी का काफिला कथित तौर पर आमने-सामने आ गया, उसी दौरान हुई हिंसा में दुलारचंद यादव की हत्या हो गई।
- पुलिस के मुताबिक उनपर कथित तौर पर एसयूवी चढ़ा दी गई।
- हालांकि, परिवार वालों का आरोप है कि पहले उन्हें गोली मारी गई और फिर वाहन से कुचल दिया गया।
दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह का रोल?
- अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड में मख्य आरोपी बनाया गया और 1 नवंबर, 2025 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
- इस मामले में उनके दो भतीजों को भी गिरफ्तार किया गया था।
- अनंत सिंह जेल से ही चुनाव लड़े और आरजेडी उम्मीदवार वीना देवी को 28 से ज्यादा वोटों से हराया।
- 19 मार्च, 2026 को पटना हाई कोर्ट ने उन्हें 15,000 रुपये के बॉन्ड पर जमानत दे दी।
- इस दौरान अदालत ने उन्हें सबूतों से छेड़छाड़ या गवाहों को डराने-धमकाने को लेकर चेतावनी भी दी।
जेडीयू से निकाले जा चुके हैं अनंत सिंह
- अनंत सिंह को देश की सर्वोच्च अदालत से कानूनी झटका ऐसे समय में लगा है, जब वह बहुत बड़ी राजनीतिक चुनौती झेल रहे हैं।
- जेडीयू ने हाल ही में उन्हें और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है।