भुवनेश्वर : चक्रवात अर्नब का असर ओडिशा में पड़ा। राज्य में भारी बारिश हुई। इस चक्रवात अर्नब के दौरान ही कई परिवारों में नन्हे मेहमानों का आगमन भी हुआ। जब अर्नब तूफान आया, उसी समय ओडिशा भर में 900 से ज्यादा बच्चों का जन्म हुआ। कुछ माता-पिता ने अपने बच्चों के नाम 'अर्नब', 'बर्षा' और 'तूफान' जैसे नामों पर रखे हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि चक्रवात आने से पहले इलाके की 2245 गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया गया था। इन 2245 महिलाओं में से 931 ने बच्चों को जन्म दिया। मां और बच्चे दोनों ही पूरी तरह स्वस्थ हैं।
अर्नब, बर्षा और तूफान नामजब चक्रवात 'अर्नब' इस इलाके से गुजरा, तो कुछ परिवारों ने अपने नवजात बच्चों के नाम इस मौसमी घटना से जुड़े शब्दों पर रखने का फैसला किया। वह चाहते थे कि उन्हें जिंदगी भर यह पल याद रहे। लड़कों के नाम अर्नब, तूफान और पवन रखे गए, जबकि कुछ लड़कियों के नाम बर्षा और बतासी रखे गए हैं।
पात्रापुर के बेंगाई साही की रहने वाली 30 वर्षीय सुकांती प्रधान ने पात्रापुर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) में एक बेटे को जन्म दिया। सुकांती ने अपने बेटे का नाम अर्नब रखा है। सुकांती के पति चक्रधर साबर ने बताया कि चक्रवात को देखते हुए एहतियात के तौर पर उन्हें पहले ही अस्पताल पहुंचा दिया गया था। मेडिकल ऑफिसर संबित बेगराय ने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ पाए गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
दंपति ने अपनी बेटी को दिया बरसा रानी नामउसी स्वास्थ्य केंद्र में चिकराडा की रहने वाली 22 साल की रुक्मिणी बेहरा ने बुधवार की सुबह 9:08 बजे एक बेटी को जन्म दिया। बेहरा परिवार ने अपने घर आई नन्ही बेटी को बरसा रानी नाम दिया। प्रसव के समय हो रही भारी बारिश को देखते हुए मेडिकल स्टाफ ने बर्षा नाम का सुझाव दिया था। रुक्मिणी बेहरा के पति, राम चंद्र दुबई में मजदूर के तौर पर काम करते हैं।
गंजम जिले में 220 प्रसव हुएचक्रवात के दौरान गंजम जिले में भी बड़ी संख्या में प्रसव हुए। यहां 493 गर्भवती महिलाओं को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचा दिया गया था, ताकि खराब मौसम के दौरान उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य अधिकारी एस. कामेश्वर राव ने बताया कि बुधवार दोपहर 1 बजे तक 220 महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया। नवजात शिशुओं में 101 लड़के और 119 लड़कियां शामिल थीं।
चक्रवात ने आंध्र प्रदेश के तट को पार किया, ओडिशा में बारिश हुईचक्रवात 'अर्णब' ने सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच ओडिशा के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। इसका असर ओडिशा पर नजर आया। ओडिशा में भीषण बारिश हुई।
चक्रवात 'अर्नब' का यह नाम क्यों रखा गया?बांग्लादेश ने इस चक्रवात का नाम 'अर्नब' (उच्चारण: 'ओर्नाब') रखा। यह नाम संस्कृत शब्द 'अर्णव' से आया है, जिसका अर्थ है 'महासागर' या 'विशाल जलराशि'। यह नाम बंगाली भाषा में भी काफी प्रचलित है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में आने वाले चक्रवातों के नाम, 'विश्व मौसम विज्ञान संगठन' (WMO) और 'संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग' (ESCAP) के 'उष्णकटिबंधीय चक्रवात पैनल' द्वारा तय की गई प्रणाली के तहत रखे जाते हैं।
नाम रखने की यह प्रणाली 2004 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य एक ही समय में आने वाले तूफानों के बीच अंतर करना है, ताकि अधिकारियों, मीडिया और आम जनता के लिए उन्हें पहचानना आसान हो सके।
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