पटना: बिहार में सरकारी टेंडरों में हुई कथित अनियमितताओं और वित्तीय घपले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ठेकेदार रिशु श्री के ठिकाने से मिले वित्तीय सबूतों और गोपनीय दस्तावेजों के आधार पर केंद्रीय जांच एजेंसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों पर शिकंजा कस रही है। बुधवार को ईडी ने 2013 बैच के आईएएस अधिकारी और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार से छह घंटे तक कड़ी पूछताछ की। इस जांच में अधिकारियों के ठेकेदारों से निजी, वित्तीय संबंधों, विदेश यात्राओं के फाइनेंसिंग और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।






आनंद किशोर, संतोष मल्ल और योगेश सागर को ईडी का नोटिस खोलने के लिए ईडी पिछले तीन दिनों में तीन आईएएस अफसरों से पूछताछ कर चुकी है। मंगलवार को श्रम संसाधन विभाग के विशेष सचिव सुनील यादव और सोमवार को अभिलाषा शर्मा से सवाल-जवाब किए गए थे। आने वाले दिनों में आईएएस आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल और योगेश सागर से पूछताछ होगी, जिसके लिए ईडी की ओर से नोटिस जारी कर दिए गए हैं।






पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार से 6 घंटे पूछताछपटना स्थित कार्यालय में ईडी ने धर्मेंद्र कुमार से बुधवार को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने तत्कालीन बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के एमडी पद पर रहते हुए उनके द्वारा स्वीकृत टेंडरों और भुगतान प्रक्रियाओं की जानकारी ली। इसके अलावा नगर विकास, बुडको और वर्तमान में शिक्षा विभाग के विशेष सचिव के रूप में उनकी भूमिका से जुड़े सवाल भी पूछे गए।






विदेश यात्रा के लिए मिले 10 हजार डॉलर और ठेकेदार से साठगांठ

  • विदेश यात्रा के लिए फाइनेंसिंग: धर्मेंद्र कुमार पर आरोप है कि के पैसों पर वे परिवार सहित विदेश यात्रा पर गए थे।

  • डॉलर की सप्लाई: रिशु श्री ने यात्रा के लिए लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के अमरीकी डॉलर उपलब्ध कराए थे।

  • टेंडर प्रक्रिया में छूट: जांच एजेंसी इस कथित लाभ के स्रोतों और उसके बदले टेंडर आवंटन में दी गई अनुचित सहूलियतों की जांच कर रही है।

  • दोबारा पूछताछ का समन: रिपोर्ट के मुताबिक, धर्मेंद्र कुमार को वित्तीय लेन-देन के स्पष्टीकरण के लिए दोबारा बुलाया जा सकता है।




व्हाट्सएप चैट और गोपनीय दस्तावेजों से खुला राजशुरुआती जांच के दौरान ईडी ने जब्त किया था। जांच में उसके फोन से कई वरिष्ठ आईएएस अफसरों के साथ व्हाट्सएप चैट, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और नगर विकास, बुडको और जल संसाधन विभाग से संबंधित गोपनीय टेंडर दस्तावेज बरामद हुए। आरोप है कि अफसरों ने अपने पद का दुरुपयोग कर ये दस्तावेज ठेकेदार को उपलब्ध कराए थे।

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