ब्राजीलिया: ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हारने वाले दक्षिणपंथी नेता फ्लेवियो बोलसोनारो ने कहा है कि वे "देश के वैध नेता" हैं। बोल्सोनारो का बयान तब आया है जब वह देश छोड़कर परिवार के साथ अमेरिका पहुंच गए हैं। रविवार को हुए चुनाव के दूसरे दौर में वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने जीत हासिल की थी। अमेरिका पहुंचने के बाद जारी एक बयान में फ्लेवियो बोल्सोनारो ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका से ब्राजील के विपक्ष का नेतृत्व करेंगे।
बुधवार को फ्लेवियो बोल्सोनारो ने अपने X अकाउंट पर ब्राजील के लोगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के नाम एक लंबा बयान जारी किया। उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया कि वे ब्राजील से भाग गए हैं। दक्षिणपंथी नेता ने कहा कि वह राजनीतिक उत्पीड़न और लगातार तानाशाही की ओर बढ़ रही राजनीतिक व्यवस्था से बचने के लिए देश छोड़कर आए हैं। उन्होंने कहा, मैं साफ करना चाहता हूं- "मैं ब्राजील से भागा नहीं हूं, बल्कि मैंने ब्राजील की भलाई के लिए देश छोड़ा है।" उन्होंने खुद को चुना हुआ राष्ट्रपति बताया।
बाद में जारी किया संशोधित बयानबोल्सोनारो ने आगे कहा कि वह अमेरिका में रहकर ही विपक्ष का नेतृत्व करेंगे। हालांकि, बाद में जारी एक अन्य बयान में उन्होंने शब्दों में थोड़ा बदलाव किया और खुद को 'राष्ट्रपति' के बजाय ब्राजील का 'नेता' कहकर संबोधित किया। बोल्सोनारो बुधवार को एक निजी विमान से अमेरिका के मियामी पहुंचे। इसके पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह फ्लेवियो को अमेरिका में आने की मंजूरी देंगे।
पिता के नक्शेकदम पर फ्लेवियोफ्लेवियो का यह कदम अपने पिता जाएर बोल्सोनारो की तरह ही है, जो 2022 में लूला से राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद फ्लोरिडा चले गए थे। जाएर बोल्सोनारो 3 महीने बाद ब्राजील वापस लौटे थे। बाद में जाएर बोल्सोनारो को ब्राजील की कोर्ट ने 27 साल की सजा सुनाई थी और इस समय उन्हें स्वास्थ्य कारणों से घर में ही रखा गया है।
फ्लेवियो ने देश छोड़ने का फैसला ऐसे समय में लिया, जब ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार दोपहर तक उन्हें अपना रेगुलर और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया था। फ्लेवियो ने बयान में कहा कि वे अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका ले आए हैं। उन्होंने कहा कि देश छोड़ना ब्राजील की राजनीति से किनारा नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए जारी संघर्ष का ही हिस्सा है।
ब्राजील से कैसे अमेरिका पहुंचे फ्लेवियो?
- फ्लेवियो ने ब्राजील से अमेरिका पहुंचने के लिए पड़ोसी देश अर्जेंटीना का इस्तेमाल किया। वे अपनी पत्नी और बेटियों के साथ पहले अर्जेंटीना और फिर इक्वाडोर गए थे।
- अर्जेंटीना के इमिग्रेशन अधिकारियों ने बताया कि फ्लेवियो बोल्सोनारो, उनकी पत्नी फर्नांडा और उनकी दो बेटियां मंगलवार रात 10:50 बजे देश में दाखिल हुए।
- फ्लेवियो और उनके परिवार ने ब्राजील और अर्जेंटीना के उत्तर-पूर्वी प्रांत मिसिओनेस को जोड़ने वाले टैंक्रेडो नेवेस इंटरनेशनल पुल के रास्ते देश में प्रवेश किया।
- इमिग्रेशन अधिकारियों ने कहा कि इन लोगों के पास यात्रा के लिए वैध दस्तावेज थे और देश में प्रवेश करने में कोई कानूनी बाधा नहीं थी।
- रात 11:30 बजे इमिग्रेशन जांच पूरी करने के बाद फ्लेवियो और उनका परिवार एक निजी चार्टर्ड विमान में सवार हुए। यह फ्लाइट इक्वाडोर के गुआयाकिल के लिए रवाना हुई।
लूला ने कहा- देश छोड़कर जाना शर्मनाकब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने फ्लेवियो के देश छोड़कर जाने को शर्मनाक बताया है। लूला ने यह बयान बोल्सोनारो के अमेरिका में लैंड होने से पहले दिया। मंगलवार को लूला ने कहा कि उन्हें बोल्सोनारो के ठिकाने के बारे में पक्की जानकारी नहीं है, लेकिन वे ब्राजील छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा, "मुझे अफसोस है कि उन्होंने ब्राजील छोड़ दिया। वे यहीं रुक सकते थे और साबित कर सकते थे कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं। उनका ब्राजील छोड़कर जाना शर्मनाक है।"