शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर महिलाओं के चल रहे धरने के बीच, लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने एक कड़ा बयान जारी किया है. इसमें पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को "अफवाहें फैलाने" के खिलाफ चेतावनी दी गई है और क्षेत्र में शराब की दुकानों के बड़े पैमाने पर विस्तार के उनके दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है.


वांगचुक के इन आरोपों का कड़े शब्दों में खंडन करते हुए कि लद्दाख में शराब की दुकानों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरे लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में फिलहाल केवल एक ही शराब की दुकान चल रही है.


यह खंडन तब आया है जब सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारी महिलाओं के समर्थन में एक वीडियो बयान जारी किया. इसमें उन्होंने दावा किया कि नई उदार शराब नीति के तहत सरकार ने लद्दाख में शराब की दुकानों की संख्या 2 से बढ़ाकर 20 कर दी है.


प्रशासन ने कहा, "लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने सोनम वांगचुक के बयानों का गंभीरता से संज्ञान लिया है. प्रशासन वांगचुक के इन बयानों को 'झूठा', 'बेबुनियाद' और 'पूरी तरह से काल्पनिक' बताकर सिरे से खारिज करता है. हम सोनम वांगचुक को चेतावनी देते हैं कि वे अफवाहें फैलाने से बचें."


प्रशासन ने 22 अक्टूबर को नई दिल्ली के लद्दाख भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वांगचुक द्वारा की गई टिप्पणियों को गंभीरता से लिया. इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उपराज्यपाल जनता के विरोध के बावजूद शराब की दुकानों को बढ़ावा दे रहे हैं.


वांगचुक ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में शराब की दुकानों और बार के कथित विस्तार के खिलाफ सैकड़ों महिलाएं विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. वांगचुक ने कहा, "उपराज्यपाल साहब मनमानी कर रहे हैं. अभी, जब मैं आपसे बात कर रहा हूँ, वहाँ 500 से 1,000 महिलाएँ धरने पर बैठी हैं. क्यों? उनका कहना है कि लद्दाख में जबरन शराब की दुकानें बढ़ाई जा रही हैं." लेकिन लद्दाख प्रशासन ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, नई आबकारी नीति 2026-27 (जिसमें शुरू में स्वतंत्र दुकानों की संख्या 2 से बढ़ाकर 20 करने का प्रस्ताव था) को जनता की प्रतिक्रिया और विरोध के बाद 26 अगस्त 2026 को पूरी तरह से वापस ले लिया गया था.


इससे पुरानी नीति (2025-26) फिर से लागू हो गई, जिसके तहत 14 अक्टूबर 2026 को हुई नीलामी में केवल एक शराब की दुकान (लेह के वार्ड नंबर 6 में) के लिए सफल बोली लगाई गई थी. प्रशासन ने लोगों के बीच बनी गलत धारणा को दूर करने के लिए सटीक आंकड़े भी दिए हैं. प्रशासन के अनुसार, पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 50 खुदरा शराब की दुकानें हैं जो केवल मौजूदा रेस्तरां के साथ जुड़ी हुई हैं (लेह में 38, नुब्रा में 7, ज़ंस्कार में 3 और चांगथांग में 2). इसके अलावा, यहां दो बीयर बार और नौ लाइसेंस प्राप्त होटल भी हैं.


अब लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने इस कथित गलत जानकारी को गंभीरता से लिया है और वांगचुक को सलाह दी है कि वे कोई भी ऐसा बयान देने से पहले आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड से जानकारी की पुष्टि कर लें, जिससे जनभावनाएं आहत हो सकती हैं.


हालांकि, सरकार के स्पष्टीकरण और चेतावनियों के बावजूद, लद्दाख में महिलाओं के नेतृत्व में शराब विरोधी प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी हैं और अब एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गए हैं. केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के साथ उच्च-स्तरीय बातचीत विफल होने के बाद, स्थिति और गंभीर हो गई है और अब यह सीधे तौर पर 'सविनय अवज्ञा' (civil disobedience) का रूप ले चुकी है.

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