लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को टाटा ग्रुप के विवाद पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 4 पॉइंट में जवाब दिया है. उन्होंने कहा है कि आखिर टाटा ट्रस्ट और टंटा संस के डेलीगेशन को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर क्यों बुलाया गया था. 


राहुल ने वित्त मंत्री से पूछा कि ऐसा कौन सा कानूनी और व्यावसायिक मामला था, जिसके लिए टाटा ट्रंस्ट और टाटा संक के डेलीगेशन को अमित शाह के आवास पर बुलाना पड़ा. दूसरा इस खेल में क्रोनी नंबर एक कब आएगा. उसे टाटा ग्रुप का कौनसा हिस्सा मिलेगा. आखिरकार आपके 3-4 पसंदीदा उद्योगपतियों को छोड़कर भारत के बाकी सभी व्यवसायी पहले ही आप लोगों से नफरत करते हैं. उन्हें किसी उकसावे के जरूरत नहीं है.  






निर्मला सीतारमण की राहुल गांधी को नसीहत


सीतारमण ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी मैं आपको सलाह देती हूं कि हर मुद्दे पर राजनीतिकरण करने से बचें. साथ ही व्यावसायिक औऱ कानूनी मामलों को बिना सोच समझे आपराधिक करार देना स्वीकार्य नहीं है. राहुल ने बार-बार भारत के उद्योग और यहां के उद्यमियों की अलोचना की है. उन्होंने उन पर कारोबारी नेताओं को अविश्वास और नफरत फैलाने के लिए उकसाने का आरोप लगाया, वित्तमंत्री ने कांग्रेस पर दम घोंटू लाइसेंस कोटा राज के जरिए उद्यमियों को दबाए जाने का आरोप लगाया. 


उन्होंने कहा कि दशकों आपकी पार्टी ने लाइसेंस कोटा राज के जरिए उद्यमियों की भावना को कुचल दिया. करोड़ों भारतीय को गरीबी में ढकेल दिया दूसरी ओर पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार भारत के उद्योग को रोजगार पैदा करने वाले और आर्थिक विकास को गति दे रही है. हमारी नीतियां इस तरह से बनाई गई हैं कि वे उद्यमों को बढ़ावा दें. उद्योगों का समर्थन करें. निवेश को प्रोत्साहित करें. 


उन्होंने राहुल से आग्रह करते हुए कहा कि संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों के लिए आरोप लगाने की बजाय सरकार के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ें. भारत का संविधान सभी नागरिकों को न्याय की गारंटी देता है. हमारे माननीय अदालतों की जिम्मेदारी है कि वे इसे बनाए रखें. इतिहास गवाह है कि किस तरह आपने, आपकी पार्टी और आपके पार्टी के प्रधानमंत्रियों ने न्यायपालिका का अपमान किया. इसलिए राहुल जी, हर जगह भूत देखना बंद करें. 


टाटा ग्रुप को कमजोर करने का राहुल ने लगाया था आरोप


इससे पहले राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा था. उन्होंने आरोप लगाया कि टाटा समूह को कमजोर किया जा रहा है. कारोबारी नेता खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं. टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है. किसी भी बिजनेस लीडर में एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं है. आप कब तक चुप रहेंगे. 


राहुल का बयान टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पर एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है. टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन ने इस नियुक्ति के फैसेल को चुनौती दी है. 

Contact to : xlf550402@gmail.com


Privacy Agreement

Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.