ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में खाताधारकों के एकाउंट खाली किए जाने का मामला सामने आया है। मामला सेक्टर पाई वन स्थित बैंक की शाखा है। बैंक में करोंड़ों रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट में कथित गड़बउ़ी का मामला सामने आया। इसके बाद से खाताधारकों का गुस्सा भड़का हुआ है। पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर लोगों ने जोरदार हंगामा किया। वहीं, किसान यूनियन के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। इस दौरान एक बुजुर्ग महिला भी अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी लेने आई थी। उसने अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने कहा कि हमारे पैसों का हिसाब सामने आया।




महिला ने क्या कहा?बुजुर्ग महिला ने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण के क्रम में एक करोड़ 32 लाख रुपये मुआवजे के रूप में आए थे। इसमें से कुछ पैसे हमने निकाले। बैंक एकाउंट में करीब एक करोड़ 18 लाख रुपये जमा थे। उन्होंने कहा कि हमने जब अपने एकाउंट की जानकारी मांगी तो अधिकारी कुछ भी नहीं बता रहे हैं। वे कह रहे हैं कि पूर्व के अधिकारी के स्तर पर गड़बड़ी हुई है। मेरे खाते में पैसा नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा घर बन रहा है। बच्चे किराए पर रहते हैं। बेटी का इलाज चल रहा है।




खाताधारकों ने लगाए आरोपखाताधारकों ने बताया कि सोमवार को कुछ लोग बैंक पहुंचे तो उन्हें एकाउंट डिटेल देने में बैंककर्मी आनाकानी करते रहे। बात इलाके में फैलने लगी। सोशल मीडिया पर भी चर्चा गहराई। इसके बाद मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग बैंक पहुंच गए। वहां न्हें सभी नए कर्मचारी दिखे। खातों की जांच और कर्मचारियों से बातचीत के दौरान उन्हें रकम गायब होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने हंगामा शुरू हो गया। पुलिस से मामले की शिकायत की गई।




मामले में सामने आया है कि शनिवार से गड़बड़ी को लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई। दो ग्राहकों ने खाते में रकम न होने की शिकायत की। इसके बाद रातोंरात बैंक के सभी कर्मचारियों को हटा दिया गया है। देखते ही देखते बात फैलने लगी। 20 से अधिक खाताधारकों की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।




एंटी करप्शन विंग ने शुरू की जांचखाताधारकों ने बताया कि कर्मचारियों ने बातचीत में बैंक के पुराने कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। सुरक्षाकर्मी को भी हटा दिया गया है। पुलिस और बैंक प्रबंधन की एंटी करप्शन विंग मामले की जांच में जुट गई है। बीटा दो कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि 20 से अधिक खातेदारों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। मंगलवार को एक महिला खाताधारक की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।




एफडी तोड़ने का आरोपक्यामपुर के रहने वाले पीड़ित ने बताया कि बैंक में 15 लाख रुपये की एफडी की थी। एफडी की रकम निकालकर किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भेज दी गई। वहीं, खाताधारक संजय ने बताया कि उनकी 10 लाख रुपये की एफडी गायब हो गई। करीब 10 से 15 दिन पहले उन्होंने खाते की जांच कराई थी, तब एफडी मौजूद थी। एक अन्य पीड़ित ने करीब 39 लाख रुपये खाते से गायब हैं।




सीबीआई जांच का दावालीड बैंक मैनेजर विनोद कुमार ने इस मामले में कहा कि अब तक बैंक या खातेदारों की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई है। इनके साथ गबन हुआ है, वह अपनी शिकायत जिला प्रशासन और लीड बैंक में दे सकते हैं। जांच कराकर रकम वापस दिलाई जाएगी। पांच करोड़ रुपये से अधिक गबन के मामलों की जांच सीबीआई करती है। ऐसे में इस मामले की भी जांच सीबीआई से कराई जा सकती है।

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