सेंसर बोर्ड में एक बड़ी सेंध का खुलासा हुआ है। खबर है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) में डेटा लीक हुआ है। इसमें 500 से अधिक फिल्मों (फीचर फिल्मों सहित) के सर्टिफिकेशन रिकॉर्ड लीक हो गए हैं। इस डिजिटल चोरी में फिल्मों की स्क्रिप्ट, कट्स ऑर्डर और वे अन्य दस्तावेज शामिल हैं, जिन्हें फिल्म निर्माताओं ने अपनी फिल्मों को सिनेमाघरों में रिलीज करने की मंजूरी पाने के लिए जमा किया था। हालांकि, सुनने में यह केवल कागजी कार्रवाई लग सकती है, लेकिन यह इस मायने में बहुत गंभीर है कि इनमें से कुछ रिकॉर्ड्स में फिल्मों से जुड़ी बेहद संवेदनशील बिजनस डिटेल भी शामिल हैं।
'ई-सिनेप्रमाण' (e-Cinepramaan) नाम के एक ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल करता है, जिसे एक दशक पहले फिल्म सर्टिफिकेशन के काम को डिजिटल बनाने के लिए लॉन्च किया गया था। फिल्म निर्माता सर्टिफिकेशन के लिए इसी पोर्टल पर आवेदन करते हैं, जरूरी कागजात जमा करते हैं। 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, ये कागजात इसी 'ई-सिनेप्रमाण' पोर्टल के जरिए लीक हुए हैं। बताया जा रहा है कि ये दस्तावेज कई दिनों तक लोगों की पहुंच में रहे, जबकि इनमें से कई पहले अपलोड किए गए थे और फिर बाद में उन्हें हटा दिया गया था।
सेंधमारी का खुलासा होने पर, वेबसाइट से हटाए गए कंटेंटगौर करने वाली बात यह है कि लीक हुई फाइलें खुद फिल्में नहीं थीं, बल्कि इनमें शूटिंग स्क्रिप्ट, कट ऑर्डर और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान जमा किए गए अन्य दस्तावेज शामिल थे। ये रिकॉर्ड 'इंटरनेट आर्काइव' के जरिए डाउनलोड के लिए उपलब्ध थे। इंटरनेट आर्काइव एक गैर-लाभकारी डिजिटल लाइब्रेरी है जो ऑनलाइन कंटेंट को सुरक्षित रखती है। मामला सामने आने के बाद इस कंटेंट को वेबसाइट से हटा दिया गया है। लेकिन इन स्क्रिप्ट और सर्टिफिकेशन डिटेलस से ऐसी जानकारी सामने आ सकती है, जिसे फिल्म निर्माता पब्लिक नहीं करना चाहेंगे, खासकर फिल्म की रिलीज से पहले।
'ई-सिनेप्रमाण' क्या है?'ई-सिनेप्रमाण' एक पोर्टल (वेबसाइट) है, जो की ऑनलाइन प्रणाली का हिस्सा है। इसके जरिए फिल्म निर्माता और प्रोडक्शन हाउस अपनी फिल्मों की रिलीज से पहले उनके सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन जमा करते हैं। इस कथित सेंधमारी ने इस प्रक्रिया के दौरान साझा की गई जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
'द सीक्रेट एजेंट', 'गुड लक, हैव फन, डोंट डाई' की डिटेल्स लीकरिपोर्ट में आगे बताया गया है कि CBFC डेटा लीक में फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन डील से जुड़े डिटेल्स भी शामिल थे। इनमें ब्राजीलियाई अकादमी पुरस्कार के लिए नॉमिनेटेड 'द सीक्रेट एजेंट' और हॉलीवुड फिल्म 'गुड लक, हैव फन, डोंट डाई' जैसी फिल्में शामिल हैं। इनमें फिल्मों की लाइसेंसिंग के लिए दी गई फीस की भी जानकारी शामिल है।
CBFC डेटा लीक से फिल्मों को क्या नुकसान होगा?जाहिर है कि इस तरह के लीक से अब कथित 500 फिल्मों की रेवेन्यू-शेयरिंग, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स, प्रमोशनल कंटेंट, और फिल्म की कहानी या उसके निर्माण से जुड़ी शर्तें सब अब सार्वजनिक हो सकती हैं। इससे फिल्म के निर्माताओं, डिस्ट्रीब्यूटर्स और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के बीच होने वाले नेगोशिएशन पर भी असर पड़ सकता है।
सेंसर बोर्ड ने कहा- हम सिक्योरिटी ऑडिट करवा रहेहालांकि, इस रिपोर्ट में CBFC की ओर से कहा गया है कि वह सेंधमारी की जांच कर रही है। पोर्टल का सिक्योरिटी ऑडिट किया जा रहा है। सेंसर बोर्ड के मुताबिक, इन फाइल्स तक अनधिकृत पहुंच के बारे में मिली जानकारी की समीक्षा की गई है। दूसरी ओर, 'इंटरनेट आर्काइव' ने 'द हिंदू' को बताया कि संबंधित अकाउंट को हटा दिया गया है और उन्होंने साइबर अपराध अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई है। 'इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम' (CERT-In) को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है।
CBFC का दावा- किसी फिल्ममेकर का पर्सनल अकाउंट हैक नहीं हुआCBFC ने बताया कि इसी महीने 4 अक्टूबर को वेबसाइट के कई घंटों तक बंद रहने के बाद, यूजर ने फाइलें अपलोड करना बंद कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी फिल्म निर्माता का पर्सनल अकाउंट हैक नहीं हुआ है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि मामले की जांच अभी चल रही है, और यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि असल में कितनी जानकारी लीक हुई है।
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