इस्लामाबाद: फारूक अब्दुल्ला के कश्मीर मुद्दे और भारत-पाकिस्तान के इसमें रोल पर दिए हालिया बयान ने दुनियाभर का ध्यान खींचा है। खासतौर से पाकिस्तानी इसके कई तरह के मतलब निकाल रहे हैं। पाकिस्तानी राजनीतिक टिप्पणीकार कमर चीमा ने इस पर बाकयदा अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो बनाया है। चीमा का कहना है कि अब्दुल्ला का बयान यकीनी तौर पर हैरतभरा है लेकिन इसे भारत से बगावत की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। यह दिल्ली पर दबाव बनाने का एक तरीका हो सकता है, जो उनको जेल भी भेज सकता है।
राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बीते कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा था कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दे को बार-बार उठाकर पाकिस्तान कश्मीरी लोगों की रक्षा कर रहा है। कश्मीर को लेकर भारत सरकार के इरादे सही नहीं हैं। ऐसे में कश्मीरियों को संभल जाना चाहिए। अगर कश्मीरी अपनी लड़ाई नहीं लड़ेंगे तो उनका अस्तित्व ही संकट में आ जाएगा। इस बयान पर भारत की सियासत गर्माई हुई है तो साथ ही पाकिस्तान में भी इसकी चर्चा है।
क्या बोले कमर चीमाकमर चीमा ने फारुख अब्दुल्ला के बयान पर बोलते हुए कहा, 'उनकी बात ने ध्यान खींचा है क्यों वह तीन बार कश्मीर के सीएम और केंद्र में मंत्री रहे हैं। वो कश्मीर के बहुत सीनियर लीडर हैं। ये थोड़ा अजीब भी है कि अचानक उन्हों क्या हुआ है कि वो कश्मीर मुद्दे पर भारत पर पिल पड़े हैं और पाकिस्तान की तारीफ कर दी है।'
चीमा ने कहा कि पाकिस्तान ने लगातार कश्मीर मुद्दे को बातचीत और राजनयिक तरीके से एड्रेस किया है। मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर कोई और कदम उठाएगा। पाकिस्तान किसी कीमत पर कश्मीर मुद्दे पर जंग की तरफ नहीं जाएगा। वह सिर्फ यूएन चार्टर और इंटरनेशनल लॉ की बात वैश्विक मंचों से करता रहेगा।
'जेल जा सकते हैं अब्दुल्ला'चीमा ने आगे कहा कि अब्दुल्ला के बयान पर बीजेपी देशद्रोह के आरोप लगा रही है लेकिन मुझे नहीं लगता कि वो कश्मीर की आजादी की बात कर रहे हैं। फारूक कोई बगावत नहीं कर रहे बल्कि दबाव बनाने का रास्ता ढूंढ़ रहे हैं। उनको लगता होगा कि अगर भारत सरकार पर दबाव नहीं ड़ालेंगे तो स्टेट चलाना मुश्किल हो जाएगा।
चीमा ने यह भी कहा कि फारूक अब्दुल्ला पर पर केस किया जा सकता है और उनको जेल भेजा जा सकता है। ये संभव है कि उनके खिलाफ सख्त कदम आने वाले समय में उठाए जाएं क्योंकि उनके खिलाफ भाजपा का गुस्सा साफ देखा जा रहा है।
चीमा ने ये भी कहा, हमें समझना चाहिए कि पाकिस्तान के लिए कश्मीर अहम है तो नहीं छोड़ सकता है। कश्मीर मुद्दा भारत की सियायत में गहराई से जुड़ा है। ये एकदम नहीं समझा जाना चाहिए कि नई दिल्ली इसे छोड़ देगी।