पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव के दरम्यान प्रशांत किशोर मीडिया के लिए सर्वसुलभ थे। वोटिंग के दिन से वो दिखाई नहीं दिए। पटना के जन सुराज पार्टी ऑफिस में भी सन्नाटा पसरा है। इस बीच बिहार की सत्ताधारी जेडीयू में ज्यादा हलचल देखने को मिल रही है। जेडीयू ने अनंत सिंह को प्रशांत किशोर के उम्मीदवार अनुज सिंह के प्रचार करने के आरोप में गाज गिरा दी। अब उनकी विधायकी पर भी खतरा मंडरा रहा है।
दरअसल, बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करने के आरोप में जेडीयू ने अनंत सिंह पर बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद अनंत सिंह की विधायकी पर भी खतरा मंडराने लगा है। जहां इस पूरे घटनाक्रम पर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर फिलहाल खामोश हैं, वहीं उनकी पार्टी ने इस पर तीखा पलटवार किया है। जन सुराज पार्टी ने इस निष्कासन को बिहार एनडीए के भीतर चल रही आपसी खींचतान और सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर उठ रहे सवालों का नतीजा करार दिया है।
अनंत सिंह पर एक्शन पर प्रशांत किशोर की चुप्पी के दौरान लगातार मीडिया के सामने रहने वाले प्रशांत किशोर वोटिंग के दिन से ही नजर नहीं आ रहे हैं और पार्टी कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है। हालांकि, जेडीयू की ओर से अनंत सिंह पर कार्रवाई किए जाने के बाद जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने अधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने इस पूरे मामले को जेडीयू और एनडीए का अंदरूनी विषय बताया है।
अंतरात्मा की आवाज पर अनुज सिंह को दिया था समर्थनजन सुराज के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि ने अपने राजनीतिक अतीत और अंतरात्मा की आवाज सुनकर पटना स्नातक सीट से जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि जन सुराज के प्रत्याशी को मिले इस समर्थन से एनडीए गठबंधन का असहज होना स्वाभाविक था। पार्टी का मानना है कि अनंत सिंह पर हुआ ये निष्कासन एक अनुशासनात्मक और स्वाभाविक कार्रवाई के रूप में देखा जाना चाहिए।
'जेडीयू में बॉस बनने की जंग को लेकर खींचतान'जन सुराज का आरोप है कि इस कार्रवाई से बिहार एनडीए की अंदरूनी सिरफुटौव्वल खुलकर सामने आ गई है। पार्टी प्रवक्ता के अनुसार, वर्तमान में जेडीयू के भीतर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद अगला 'बॉस' कौन होगा, इसे लेकर गुटबाजी और खींचतान चरम पर है। यह पूरा घटनाक्रम प्रदेश बीजेपी नेतृत्व पर उठ रहे सवालों का ही साइड इफेक्ट है।
जन सुराज ने दावा किया कि दिल्ली से पार्टी को नियंत्रित किया जा रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि जेडीयू में ललन सिंह और संजय झा के गुटों के बीच आपसी वर्चस्व की लड़ाई चलती रहेगी। भविष्य में जेडीयू, बीजेपी के एक आनुषंगिक संगठन (विंग) के तौर पर काम करती नजर आएगी।