सबके पहले एक बड़ी प्लास्टिक की बोतल या जार लें और उसमें लगभग 2 लीटर साफ पानी भरें। अब इसमें लगभग 50 ग्राम गुड़ मिलाएं। गुड़ मिलाने के बाद बोतल को अच्छी तरह हिलाकर घोल लें। गुड़ पानी में फर्मेंटेशन प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे लाभदायक बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं।
अब आधा से एक दर्जन केले के छिलके लें और उन्हें कैंची या चाकू की मदद से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। कटे हुए छिलकों को उसी गुड़ वाले पानी के अंदर डाल दें और बोतल को फिर से हिलाकर अच्छे से मिला लें। छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटने से उनके पोषक तत्व पानी में जल्दी घुलते हैं।
तैयार मिश्रण वाली बोतल का ढक्कन ढीला करके या हल्का बंद करके उसे किसी छायादार जगह पर रख दें। इसे रोजाना दिन में एक बार बोतल को हिलाकर मिक्स करना न भूलें। लगभग 7 से 10 दिनों में फर्मेंटेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है और पोटेशियम से भरपूर बेहतरीन लिक्विड फर्टिलाइजर बनकर तैयार हो जाता है।
10 दिनों के बाद, जब लिक्विड का रंग गहरा हो जाए, तब इसे एक बाल्टी में जाली या छननी की मदद से अच्छी तरह छान लें। छिलकों के टुकड़ों को अलग कर दें और गाढ़े लिक्विड फर्टिलाइजर को इकट्ठा कर लें। यह गाढ़ा घोल सीधे पौधों में नहीं डालना चाहिए, इसे हमेशा सादे पानी में पतला करके इस्तेमाल किया जाता है।
अब एक बाल्टी में 10 लीटर सादा पानी लें और उसमें 1 लीटर तैयार किया गया लिक्विड फर्टिलाइजर (10:1 का अनुपात) डालकर अच्छी तरह मिला लें। ऐसा करने से फर्टिलाइजर का गाढ़ापन संतुलित हो जाता है और पौधों की जड़ें इसे आसानी से अवशोषित कर पाती हैं।
इस तैयार घोल को आप अपने घर में लगे सभी प्रकार के पौधों की जड़ों में डाल सकते हैं, चाहे वे डहेलिया और मिर्च जैसे फूल-सब्जी के पौधे हों या अमरूद और टमाटर जैसे फल देने वाले पौधे। बेहतर परिणाम के लिए हर 7 से 10 दिनों में एक बार इसका उपयोग करें। कुछ ही दिनों में आपके पौधे नए फूलों और फलों से भर जाएंगे। डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।Contact to : xlf550402@gmail.com
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