अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए हुए हैं. यहां पर ये कई अहम मुद्दों पर विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत कर रहे हैं. बीते कुछ दिनों से भारत में प्रोटेस्ट चल रहे हैं. कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन कर रही है. सीजेपी के प्रोटेस्ट को लेकर रुबियो ने भारत सरकार की आलोचना को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि यूएस में ऐसे प्रदर्शन रोज होते रहते हैं.
सीजेपी के प्रोटेस्ट को लेकर कई अमेरिकी सांसदों और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े लोगों ने भारत को घेरने की कोशिश की थी. इस बीच रुबियो का बयान बहुत अहम है.
यूएस में रोज होते हैं ऐसे प्रोटेस्ट
मार्को रुबियो से जब भारत में हो रहे प्रोटेस्ट को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा, ये एक घरेलू राजनीतिक मुद्दा है. हम इसमें नहीं पड़ेंगे. यहां लोकतंत्र है. यहां चुनाव होते हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका में तो हम रोज विरोध-प्रदर्शन करते हैं.
भारत ने दिया जवाब
संयुक्त राष्ट्र के कुछ विशेष रैपोर्टेयर्स ने भारत में प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और मानवाधिकारों को लेकर चिंता जताई थी. इसका भारत ने अब कड़ा जवाब दिया है. भारत ने कहा, मानवाधिकारों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने या चुनिंदा मुद्दों पर निशाना साधने के लिए नहीं होना चाहिए. भारत ने बिना जांचे-परखे आरोपों के आधार पर देश की छवि पेश करने पर भी सवाल उठाए हैं. भारत का कहना है कि मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए और किसी देश को चुनिंदा तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.
बता दें कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. सीजेपी देश के कई शहरों में आंदोलन कर रही है. सीजेपी के साथ विपक्ष भी इस्तीफे की मांग करते हुए सड़कों पर उतरे हैं.
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