पानी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है. यह शरीर का तापमान सही रखने, पाचन में मदद करने और शरीर से बेकार पदार्थ बाहर निकालने में मदद करता है. लेकिन पानी पीने को लेकर कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या प्यास लगने पर ही पानी पीना चाहिए या थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना चाहिए. सही तरीका जानना जरूरी है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और जरूरत से ज्यादा पानी पीने से भी बचा जा सके.


क्या प्यास लगने पर ही पानी पीना चाहिए


प्यास लगना शरीर का संकेत है कि उसे पानी की जरूरत है. स्वस्थ वयस्क लोग आमतौर पर प्यास लगने पर पानी पीते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि प्यास का इंतजार करते रहें और लंबे समय तक पानी न पिएं. गर्मी में, ज्यादा पसीना आने पर या एक्सरसाइज करते समय शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. ऐसे में बीच-बीच में पानी पीते रहना चाहिए.


दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए ?


हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत अलग-अलग होती है. यह मौसम, उम्र, काम और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करती है. गर्मी में बाहर काम करने वाले या एक्सरसाइज करने वाले लोगों को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. इसलिए सभी लोगों के लिए एक ही मात्रा तय करना सही नहीं है. दिनभर नियमित रूप से पानी पीते रहें और शरीर के संकेतों पर ध्यान दें. हल्के पीले रंग का पेशाब आमतौर पर शरीर में पानी की सही मात्रा का संकेत होता है.


एक साथ ज्यादा पानी पीना सही है या नहीं?


एक बार में बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना बेहतर रहता है. दिनभर पानी पीते रहें, खासकर तब जब आप बाहर हों या ज्यादा मेहनत वाला काम कर रहे हों. बहुत कम समय में जरूरत से ज्यादा पानी पीना नुकसानदायक होता है, क्योंकि इससे शरीर में नमक यानी सोडियम का स्तर कम होता है. इसलिए जबरदस्ती बहुत सारा पानी पीने की जरूरत नहीं है.


चिकनपॉक्स के दाग चेहरे से कैसे हटाएं, इन घरेलू उपायों का करें इस्तेमाल


कितना पानी पीना जरूरी ?


सुबह उठने के बाद पानी पीना अच्छी आदत होती है, खासकर अगर रात में प्यास लगी हो या मुंह सूख रहा हो. लेकिन सुबह खाली पेट पानी पीना सभी के लिए जरूरी नियम नहीं है. आप दिन के किसी भी समय पानी पी सकते हैं. सबसे जरूरी है कि पूरे दिन शरीर की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त पानी पियें.


बुजुर्गों में कभी-कभी प्यास का एहसास कम होता है, इसलिए उन्हें नियमित अंतराल पर पानी पीने की याद दिलाना सही रहता है . बच्चों को भी समय-समय पर पानी देते रहें. वहीं, किडनी, दिल या लिवर की कुछ बीमारियों में डॉक्टर पानी की मात्रा सीमित रखने की सलाह देते हैं. ऐसे लोगों को अपनी मर्जी से पानी की मात्रा बढ़ाने के बजाय डॉक्टर की सलाह माननी चाहिए. अगर बहुत ज्यादा प्यास लगती है या बार-बार पेशाब आता है, तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है.


यह भी पढ़ें :पानी पीते ही बार-बार आती है पेशाब? डॉक्टर की सलाह पर कराएं ये टेस्ट


Discalaimer :  यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है  . पानी की जरूरत  उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य के अनुसार अलग-अलग होती है. किडनी, हार्ट या लिवर से जुड़ी बीमारी होने पर पानी पीने की सही मात्रा के लिए डॉक्टर की सलाह लें. अगर बहुत ज्यादा प्यास लगती है या बार-बार पेशाब आता है, तो डॉक्टर से संपर्क करें.

Contact to : xlf550402@gmail.com


Privacy Agreement

Copyright © boyuanhulian 2020 - 2023. All Right Reserved.