लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। यूपी चुनाव 2027 को लेकर चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट निर्माण के कार्य को तेज किया है। चुनाव को लेकर 1 जनवरी 2027 के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसको लेकर चुनाव आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई कि एसएसआर का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करना और मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अपडेट बनाना है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया।




सीईओ ने दी जानकारीसीईओ नवदीप रिणवा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एसएसआर के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान स्थलों के संभाजन एवं पुर्नव्यवस्थापन की प्रक्रिया 2 नवंबर तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक निर्धारित की गई है। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगा।




नाम जोड़वा सकते हैं वोटरसीईओ ने बताया कि मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने के लिए फॉर्म-6, प्रवासी भारतीय मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म-6ए, नाम सम्मिलित किए जाने पर आपत्ति अथवा नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और निवास परिवर्तन, प्रविष्टियों में संशोधन, मतदाता पहचान पत्र के प्रतिस्थापन एवं दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नांकन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है।




सीईओ ने कहा कि पात्र नागरिक इन फॉर्मों को ऑफलाइन भरकर बूथ लेवल अधिकारियों को प्राप्त कर सकते हैं। इसके अनावा ऑनलाइन Voter Service Portal ( या ECINET ऐप के माध्यम से भी फॉर्म भरे जा सकते हैं।




पात्र वोटर जुड़वा सकेंगे नामसीईओ ने साफ किया कि इस पुनरीक्षण में सभी पात्र नागरिक अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल करा सकते हैं। जिन लोगों की आयु 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो चुकी है और उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, वे भी आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, वे युवा 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे। मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।




सीईओ ने कहा कि इसके अलावा एसएसआर में 1 अप्रैल 2027, 1 जुलाई 2027 और 1 अक्टूबर 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर पात्र होने वाले भावी मतदाताओं से भी अग्रिम आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन अग्रिम आवेदनों का निस्तारण संबंधित अर्हता तिथि की तिमाही में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।




एक बूथ पर अधिकतम 1200 वोटरमतदान स्थलों के निर्धारण को लेकर भी सीईओ ने स्थिति साफ की है। उन्होंने साफ कहा कि एक बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता न हों। नए मतदान स्थलों के निर्धारण एवं मौजूदा मतदान स्थलों के पुर्नव्यस्थापन में भौतिक सत्यापन, मतदाताओं की सुविधा, परिवार के सदस्यों के नाम एक ही अनुभाग में रखने तथा मतदान स्थल तक पहुंचने मैं होने वाली असुविधा को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मतदान स्थलों की सीमाओं में स्पष्टता तथा भवनों की उपयुक्तता भी सुनिश्चित की जाएगी।




समय पर प्रकिया होगी पूरीसीईओ ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराया जाए। मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों साथ बैठक कर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दिशा-निर्देशों एवं नियमों के संबंध में अवगत कराया जाए। इसके अतिरिक्त मतदान स्थलों के सम्भाजन, ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन, दावा एवं आपत्ति अवधि की शुरुआज एवं फाइनल वोटर लिस्ट के प्रकाशन के समय भी राजनैतिक दलों के साथ जिला स्तर पर बैठकें हों।




सीईओ ने सभी राजनैतिक दलों से अनुरोध किया गया कि वे अपने स्तर से यह सुनिश्चित कर लें कि उनके स्तर पर प्रत्येक मतदान स्थल के लिए बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति कर ली गई है। बूथ लेवल अधिकारी की ओर से संबंधित बूथ लेवल एजेंट को भी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के संबंध में जानकारी साझा की जाएगी।




वेबसाइट पर प्रकाशित होगी सूचीसीईओ ने साफ किया कि वोटर लिस्ट के नाम पर दावा एवं आपत्ति अवधि में प्राप्त सभी आवेदनें की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी प्रकाशित की जाएगी। आयोग की ओर से मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट को दावा एवं आपत्ति अवधि में अधिकतम 10 फार्म (फार्म-6, 7, 8) प्रतिदिन बूथ लेवल अधिकारी को दिया जाने को मंजूरी दी गई है। अगर बूथ लेवल एजेंट की ओर से पूरे दावा एवं आपत्ति अवधि में 30 से अधिक फार्म जमा किए जाते है, तो इसका फिर से वेरिफिकेशन स्वयं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकार या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी करेंगे।




सीईओ ने कहा कि चुनाव आयोग के 9 अक्टूबर 2026 के दिशा-निर्देश के तहत लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत फार्म-7 में गलत घोषणा करने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। इसके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। बैठक में सभी दल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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