नई दिल्ली: भारत ने शुक्रवार को अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल की उस टिप्पणी को 'अनुचित' बताकर खारिज कर दिया जिसमें निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सवाल उठाया गया है। भारत ने कहा कि यह 'एक अन्य लोकतांत्रिक देश की चुनावी प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने' के समान है। जयपाल ने बुधवार को भारत में मसौदा मतदाता सूचियों से कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने की खबरों पर चिंता जताई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जयपाल की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'हम अमेरिकी सांसद की टिप्पणियों को अनुचित तथा एक अन्य लोकतांत्रिक देश की चुनावी प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप के समान मानते हैं।' उन्होंने कहा, 'यह ऐसा दृष्टिकोण है जो लोकतंत्र को कमजोर करता है।'
जयपाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था, 'मैं भारत सरकार द्वारा 13 करोड़ लोगों को मतदाता सूचियों से हटाने की कार्रवाई को लेकर बेहद चिंतित हूं।' इस मुद्दे पर किसी अमेरिकी सांसद की यह पहली टिप्पणी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत में हो रहे घटनाक्रम अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा लोकतंत्र में मतदान के अधिकारों को कमजोर करने के लिए अपनाई जा रही रणनीति जैसे प्रतीत होते हैं।
- जयपाल ने कहा कि हर जगह लोकतंत्र की रक्षा करना बेहद जरूरी है और भारतीय लोगों को भी अमेरिकियों की तरह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का अधिकार है।
- उनकी यह टिप्पणी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आई थी। ये प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर किए जा रहे हैं।
- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के पहले और दूसरे चरण के दौरान मसौदा मतदाता सूचियों से करीब 7.2 करोड़ नाम हटाए गए।
- अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा था, 'भारत की चुनावी और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर की गई टिप्पणियां भारत के आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य हस्तक्षेप हैं।'