गुरुग्राम/नारनौल (सुरेंद्र कुमार): योग गुरु स्वामी रामदेव की भांजी मुदिता यश और गुरुग्राम निवासी कुशल वीर जल्द ही शादी के पवित्र बंधन में बंधने जा रहे हैं। शुक्रवार शाम हरियाणा के नारनौल स्थित खटोटी-सुल्तानपुर गांव में दोनों की सगाई का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस खास मौके पर योग गुरु स्वामी रामदेव के अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, हरियाणा के मंत्री राव नरवीर, महिपाल ढांडा सहित कई प्रमुख राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों ने शिरकत कर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।




वर-वधू दोनों उच्च शिक्षित प्रोफेशनल्समुदिता यश ने एमबीए की पढ़ाई पूरी की है, जबकि उनके मंगेतर कुशल वीर बेंगलुरु स्थित एक प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। कुशल वीर का परिवार गुरुग्राम में रहता है; वे डॉ. वीर सिंह और राजेश वीर के बेटे हैं। फिलहाल दोनों के विवाह की तारीख तय नहीं हुई है।




कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं मुदितामुदिता यश, डॉ. यशदेव शास्त्री और डॉ. ऋतम्भरा शास्त्री की पुत्री हैं। उनके पिता यशदेव शास्त्री तेल मिल और माइनिंग के बड़े कारोबारी हैं और पतंजलि के लिए भी प्रोडक्ट्स तैयार करते हैं। वे स्वामी रामदेव के जीजा होने के साथ-साथ उनके व्यावसायिक सहयोगी भी हैं। सामाजिक सरोकारों में सक्रिय यशदेव शास्त्री ने हाल ही में खटोटी गांव में करीब 2 करोड़ की लागत से आधुनिक व प्रदूषण-मुक्त श्मशान घाट का निर्माण कराया था।




महेंद्रगढ़ के हैं स्वामी रामदेवसगाई समारोह के दौरान स्वामी रामदेव के पैतृक जिले महेंद्रगढ़ में उनकी मौजूदगी स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। स्वामी रामदेव (मूल नाम रामकृष्ण यादव) का जन्म महेंद्रगढ़ के सैदलीपुर गांव में हुआ था। गुरुकुल परंपरा से योग और संस्कृत की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने जींद के कालवा गुरुकुल में साधना और शिक्षण किया। आगे चलकर आचार्य बालकृष्ण के साथ मिलकर उन्होंने हरिद्वार में 'पतंजलि योगपीठ' की स्थापना की और योग व आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाई।

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