अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन में हुए बदलावों ने कई पुरानी व्यवस्थाओं को एक बार फिर शुरू करा दिया है। इसी क्रम में करीब 5 दशक से प्रभु रामलला का ड्रेस बनाने वाले पहाड़ी परिवार को एक बार फिर यह जिम्मेदारी दे दी गई है। भगवती प्रसाद पहाड़ी फिर से रामलाल के वस्त्र सिलने लगे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति की ओर से हर रोज रामलला की पोशाक तैयार करने का दायित्व उन्हें सौंपा गया है। यह परिवार करीब पांच दशक से प्रभु रामलला की सेवा में जुटा हुआ है। हालांकि, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से उनसे यह जिम्मेदारी ले ली गई थी।
कौन हैं भगवत प्रसाद पहाड़ी?भगवत प्रसाद पहाड़ी अयोध्या में रहते हैं। पीढ़ियों से रामलला की पोशाक तैयार कर रहे भगवत प्रसाद पहाड़ी परिवार को एक बार फिर रामलला के वस्त्र सिलने की जिम्मेदारी मिल गई है। राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति ने उन्हें प्रतिदिन रामलला की पोशाक तैयार करने का दायित्व सौंपा है। उनके पिता बाबूलाल पहाड़ी 1980 के दशक से रामलला की पोशाक सिलकर सेवा कर रहे थे।
भगवत प्रसाद और उनके भाई शंकर लाल ने भी इसके बाद यह परंपरा जारी रखी। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद दिल्ली के ड्रेस डिजाइनर मनीष त्रिपाठी रामलला की पोशाक तैयार कर रहे थे। दोबारा जिम्मेदारी मिलने पर भगवत प्रसाद पहाड़ी ने खुद को सौभाग्यशाली बताया। वे सात्विकता के साथ रामलला के रेशमी वस्त्र तैयार कर रहे हैं।
मौका मिलने पर जताई खुशीरामलला की पोशाक तैयार कर रहे भगवत प्रसाद पहाड़ी ने कहा कि रामलला की पोशाक बनाते हुए 50 वर्ष से अधिक हो गए हैं। पहले हमारे पिता बनाते थे। पिता के स्वर्गवास के बाद हम दो भाई भगवत प्रसाद और शंकर लाल और हमारे बच्चे मिलकर पोशाक सिलते थे। बाद में राम मंदिर का निर्माण हुआ। प्रभु रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद एक डिजाइनर ड्रेस सिलता रहा। इसके बाद बीच में राम मंदिर ट्रस्ट के लोग बदले। अब हमें फिर से सेवा का मौका मिला है। हमें खुशी है कि एक बार फिर हमें रामलला की सेवा का मौका मिला है।
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