पटना: बिहार सरकार के वित्त विभाग ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, स्कूल शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। वेतन भुगतान में संभावित गड़बड़ियों को पकड़ने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब अक्टूबर माह का वेतन शत-प्रतिशत सत्यापन के बाद ही दिया जाएगा। वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र भेजकर उच्च शिक्षा विभाग को छोड़कर सभी कर्मियों के आंकड़ों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्राथमिक जांच में कई विसंगतियां सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया है ताकि भविष्य में किसी भी वित्तीय अनियमितता को रोका जा सके।
शत-प्रतिशत जांच के साथ कानूनी कार्रवाई के निर्देशबिहार वित्त विभाग ने कहा है कि अगर मेकर, चेकर, एप्रूवर या किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषी के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत संबंधित अधिकारियों/कर्मियों पर आपराधिक और अनुशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ गलत तरीके से दी गई अतिरिक्त राशि की शत-प्रतिशत वसूली की जाएगी।
भागलपुर में 43 लाख की वित्तीय गड़बड़ीइस बड़े प्रशासनिक फैसले के पीछे भागलपुर जिले में सामने आया एक वित्तीय घोटाला मुख्य वजह बना है। ई-एचआरएमएस (e-HRMS) पोर्टल में एक फर्जी एंट्री के जरिए बड़ा फर्जीवाड़ा अंजाम दिया गया था।
- डेटा एंट्री ऑपरेटर की चालाकी: भागलपुर में एक ऑपरेटर ने ई-एचआरएमएस पोर्टल में एक महिला के नाम की फर्जी एंट्री दर्ज की।
- बड़ी राशि का अवैध भुगतान: इस फर्जी एंट्री के माध्यम से करीब 43 लाख रुपये का अवैध भुगतान कर दिया गया।
- कड़ी कानूनी कार्रवाई: गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद आरोपी कर्मियों पर कानूनी कार्रवाई की गई और पूरे पोर्टल के भुगतान तंत्र की जांच का निर्णय लिया गया।
कोषागार पदाधिकारियों को दिए गए कड़े आदेशप्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए वित्त विभाग ने इस पत्र की प्रतिलिपि बिहार के सभी वरीय कोषागार पदाधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी है। शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों के प्रत्यक्ष निर्देशन में सभी भत्तों और वेतन से जुड़े आंकड़ों का बारीकी से मिलान और सत्यापन किया जाएगा।
ई-एचआरएमएस पोर्टल से भुगतान पर सतर्कतानियमित कर्मियों का वेतन भुगतान ई-एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से किया जाता है, जिसके लिए संबंधित विभाग पहले कर्मचारी का पूरा ब्योरा पोर्टल पर अंकित करता है। भागलपुर मामले के बाद सरकार ने पूरी प्रणाली को दुरुस्त करने और जवाबदेही तय करने के लिए इस जांच प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है।