औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में शिक्षा विभाग में बड़ा खेल सामने आया है। जहां एक लिपिक द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) के फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी आदेश जारी किया है। लिपिक पर काफी गंभीर आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद मगध प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडीई) ने आरोपी लिपिक अरविंद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।




तत्काल प्रभाव से सस्पेंडविभाग ने जांच पूरी होने तक उसका मुख्यालय गया निर्धारित किया है। लिपिक ने दो शिक्षकों से जुड़े कार्यों में डीईओ के स्थान पर खुद हस्ताक्षर कर दिए। इनमें एक शिक्षक के योग्यता विस्तार की स्वीकृति और दूसरी शिक्षिका की सेवा पुस्तिका पर हस्ताक्षर का मामला शामिल है। जानकारी के अनुसार उत्क्रमित उच्च विद्यालय, चतरा में पदस्थापित शिक्षक रवि रंजन कुमार ने योग्यता विस्तार के आदेश के लिए आवेदन दिया था। उसमें लिपिक ने खेल कर दिया।




एक अन्य शिक्षक के साथ खेलवहीं, नबीनगर के राजकीय मध्य विद्यालय, पाली की शिक्षिका गरिमा चौहान ने अपनी सेवा पुस्तिका पर हस्ताक्षर कराने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में आवेदन किया था। इन दोनों मामलों में कार्यालय के निम्नवर्गीय लिपिक अरविंद कुमार ने कथित तौर पर रिश्वत लेकर डीईओ के नाम से डुप्लिकेट हस्ताक्षर किए। इसके बाद शिक्षक के योग्यता विस्तार की स्वीकृति से संबंधित कार्यालय आदेश भी जारी कर दिया गया। मामले की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर सिंह ने संबंधित लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा था।




विभाग ने की पूरे मामले की जांचविभागीय स्तर पर जवाब तलब किए जाने के बावजूद आरोपी लिपिक ने निर्धारित स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया। इसके बाद डीईओ ने पूरे मामले से अपने वरीय अधिकारियों को अवगत कराया। प्रकरण को गंभीर मानते हुए मगध प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक संजय कुमार चौधरी ने लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। निलंबन आदेश के मुताबिक, विभागीय जांच पूरी होने तक अरविंद कुमार का मुख्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, गया निर्धारित किया गया है। मामले की विभागीय कार्यवाही के लिए , गयाजी को संचालन पदाधिकारी बनाया गया है।

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