H-1B Visa: क्या आपको पहली बार H-1B वीजा मिला है? अगर आपका जवाब हां है, तो फिर आपको ये मालूम होना चाहिए कि अमेरिका में अब आपको क्या-क्या करना है। अमेरिका में अगर आपकी जॉब 1 अक्टूबर से शुरू हुई है, तो फिर आपको यहां पहुंचने के साथ ही कुछ जरूरी काम भी करने होंगे। इससे आपकी अमेरिका में जिंदगी आसान होगी और टैक्स-इनकम आदि से जुड़ी समस्याएं नहीं आएंगी।
अमेरिका में एंट्री करने के बाद पर जाकर फॉर्म I-94 रिकॉर्ड चेक करें। इस फॉर्म में आपको दो चीजें देखनी है, पहली 'क्लास ऑफ एडमिशन', जो सही होनी चाहिए। इसी तरह दूसरी चीज है- आपको अमेरिका में किस तारीख तक रहने की इजाजत दी गई है। फॉर्म में आपको ये देखना होगा कि वह H-1B स्टेटस ही दिखाए, जिस पर आप अमेरिका आए हैं। इसी तरह से नाम, पासपोर्ट नंबर, स्टेटस या तारीख में कोई गड़बड़ी दिखे, तो इसे नजरअंदाज ना करें।
ऑफिस में क्या करना है?
- कंपनी के ऑनबोर्डिंग प्रोसेस में सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स में से एक फॉर्म I-9 हैं। इसे एंप्लॉयमेंट एलिजिबिलिटी वेरिफिकेशन कहा जाता है।
- इस फॉर्म के जरिए कंपनी वेरिफाई करती है कि आपको अमेरिका में कानूनी रूप से काम करने की इजाजत मिली हुई है।
- आमतौर पर को फॉर्म I-9 का अपना हिस्सा जॉब शुरू करने के पहले दिन तक पूरा करना होता है।
- इसके बाद कंपनी को तय समय के अंदर वर्कर की पहचान और एंप्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट वेरिफाई करने होते हैं।
- वेरिफिकेशन प्रोसेस जॉब शुरू होने के तीन बिजनेस डे के भीतर पूरा हो जाता है।
सोशल सिक्योरिटी नंबर लेना
- अमेरिका में हर वर्कर को लेना होता है। ये नंबर एक कार्ड पर लिखा होता है, जिसे SSN कार्ड कहा जाता है।
- हर भारतीय वर्कर को अमेरिका पहुंचने के साथ ही सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन के जरिए इसके लिए अप्लाई करना चाहिए।
- SSN अमेरिका में बहुत जरूरी है। कंपनी वर्कर की सैलरी रिपोर्ट करने और टैक्स से जुड़े कामों के लिए इसका इस्तेमाल करती है।
- बैंकिंग और कई दूसरी फाइनेंशियल कामों में भी इसकी जरूरत पड़ सकती है।
SSN आने में थोड़ा समय लग सकता है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि आपका SSN कार्ड अभी नहीं आया है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप कानूनी इजाजत होने के बावजूद नौकरी शुरू ही नहीं कर सकते। सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक विदेशी वर्कर SSN एप्लिकेशन प्रोसेस होने के दौरान काम कर सकता है।
फॉर्म W-4 भरना भी जरूरीअमेरिका में हर वर्कर की सैलरी से टैक्स काटा जाता है। यही वजह है कि जॉब बोर्डिंग के दौरान आपको फॉर्म W-4 भरने के लिए दिया जाएगा। इसी के आधार पर कंपनी तय करती है कि आपकी सैलरी से इनकम टैक्स के लिए कितना पैसा काटना है। आप टैक्स कटौती के लिए रेजिडेंट एलियन (विदेशी) हैं या नॉन-रेजिडेंट एलियन (विदेशी), यह सिर्फ आपके H-1B वीजा से तय नहीं होता।
IRS के अलग टैक्स रेजिडेंसी नियम हैं। इसलिए अगर आप पहली बार अमेरिका पहुंचे हैं और W-4 समझ नहीं आ रहा, तो HR, पेरोल टीम या टैक्स प्रोफेशनल्स से मदद ले सकते हैं। टैक्स के अलावा जिस राज्य में आप रहते या काम करते हैं, उसके हिसाब से आपको स्टेट टैक्स से जुड़ा फॉर्म भी भरना पड़ सकता है।