मथुरा: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला गहराता चला जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 25 सितंबर को रसिक दुलारी शरण की आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।




नया फोन दिया जाता थाएनडीटीवी की रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रेमानंद महाराज का शिष्य बनने के बाद मोबाइल फोन और सिम कार्ड जमा करा लिया जाता था। आश्रम की ओर से नए फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाते थे। पुलिस अब इसकी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि इसका इस्तेमाल कैसे किया गया। क्या कोई निगरानी या रिकॉर्डिंग तंत्र मौजूद था। इसके अलावा शिष्यों के जमा कराए गए फोन और पिछले संपर्कों की जानकारी कौन रखता था। आश्रम के बाहर के लोगों से संपर्क करने पर शिष्यों पर रोक थी। परिवार और दोस्तों से भी संपर्क सीमित था या पूरी तरह से प्रतिबंधित था। इस पर भी पुलिस जांच कर रही है।




पुलिस हरेक एंगल से कर रही जांचमथुरा पुलिस ने रसिक दुलारी शरण के खून के सैंपल फॉरेसिंग लैब भेजे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि क्या मौत से पहले उनके शरीर में किसी प्रकार की दवा या मादक पदार्थ था। रसिक दुलारी शरण का वीडियो सामने आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि क्या घटना से पहले किसी नशीले पदार्थ का सेवन किया था। 25 सितंबर की सुबह 10:25 बजे रसिक दुलारी अपने कमरे से बाहर निकले और 10:36 बजे छत से गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई।

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